जदयू विधायक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक, गोपालगंज कोर्ट ने 7 मई तक दी राहत
सारांश
Key Takeaways
- गोपालगंज व्यवहार न्यायालय ने 28 अप्रैल को JDU विधायक पप्पू पांडेय व सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर 7 मई 2025 तक रोक लगाई।
- आरोप है कि कुचायकोट के बेलवा गाँव में भू-माफियाओं को जमीन कब्जाने में संरक्षण दिया गया।
- पुलिस ने विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और राहुल तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किया था।
- विधायक की पैरवी राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने की; बचाव पक्ष ने मामले को पुराना भूमि विवाद बताया।
- अगली सुनवाई 7 मई 2025 को; शिकायतकर्ता ने सिविल सूट भी दाखिल किया है।
गोपालगंज व्यवहार न्यायालय ने मंगलवार, 28 अप्रैल को कुचायकोट विधानसभा के जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर 7 मई 2025 तक रोक लगा दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम राहत प्रदान की और अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की।
मामले की पृष्ठभूमि
गोपालगंज पुलिस ने विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और राहुल तिवारी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट हासिल किया था। आरोप है कि कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गाँव में भू-माफियाओं द्वारा जमीन पर कब्जा किए जाने और उन्हें संरक्षण दिए जाने में विधायक की संलिप्तता रही। इस सिलसिले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। शिकायतकर्ता ने इस मामले में एक सिविल सूट भी दाखिल किया है।
बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पैरवी की। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि इस प्रकरण को अनावश्यक रूप से आपराधिक स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है, जबकि उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह बेलवा की जमीन से जुड़ा एक पुराना विवाद है। उन्होंने यह भी बताया कि केस डायरी अभी हाल में प्राप्त हुई है और उसका अध्ययन किया जाएगा। राहुल तिवारी की ओर से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने पक्ष रखा।
अदालत का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 7 मई तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। इस आदेश से पुलिस की चल रही छापेमारी भी फिलहाल रुक गई है। सतीश पांडेय सहित अन्य आरोपियों के मामले में भी सुनवाई की तिथि 7 मई निर्धारित की गई है।
आगे क्या होगा
अगली सुनवाई 7 मई 2025 को होगी, जिसमें केस डायरी के अध्ययन के बाद बचाव पक्ष अपने तर्क और पुख्ता करेगा। यह मामला भूमि विवाद और कथित राजनीतिक संरक्षण के व्यापक प्रश्नों को उठाता है, जो बिहार की कानून-व्यवस्था के लिए एक अहम परीक्षा बनती जा रही है।