पत्नी हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक, 8 साल बाद शिवेंद्र को मिली जमानत
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026 — सर्वोच्च न्यायालय ने पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे दोषी शिवेंद्र की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका है और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर उसकी अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई की कोई संभावना नहीं है।
मामले की पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ शिवेंद्र द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रही थी। शिवेंद्र ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी सजा निलंबित करने की मांग खारिज कर दी गई थी।
ट्रायल कोर्ट ने शिवेंद्र को एक सह-आरोपी के साथ पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 389(1) के तहत सजा स्थगित करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में आपराधिक अपील दाखिल की थी, किंतु उच्च न्यायालय ने राहत देने से इनकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणियाँ
पीठ ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष का सारा दारोमदार परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर है। अदालत ने कहा,