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क्या बिहार में मछली पकड़ने के अधिकार के विवाद में पुलिसकर्मी पर हमला हुआ?

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क्या बिहार में मछली पकड़ने के अधिकार के विवाद में पुलिसकर्मी पर हमला हुआ?

सारांश

बिहार के मुजफ्फरपुर में मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर हमला हुआ। यह घटना स्थानीय विवाद का परिणाम है, जिसमें सरपंच और उनके समर्थकों का हाथ होने का आरोप है। क्या पुलिस इस मुद्दे को सुलझा पाएगी?

मुख्य बातें

पुलिस पर हमला एक गंभीर मुद्दा है।
स्थानीय विवादों को सुलझाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सरपंच और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घायल अधिकारी का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।

पटना, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र में मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर हुए विवाद को सुलझाने के प्रयास में शुक्रवार को एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर हमला किया गया।

घायल अधिकारी की पहचान सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत सिंह के रूप में हुई है, जो कटरा थाना क्षेत्र में तैनात हैं।

यह घटना बसंत गांव में हुई, जहां एक स्थानीय तालाब में मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर विवाद छिड़ा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, तालाब में मछली पकड़ने के अधिकार की वर्तमान निविदा बुधकारा गांव के निवासी जितेंद्र साहनी के पास है। इससे पहले निविदा फहद आजम के नाम पर थी, जो वर्तमान में बंधपुरा पंचायत के सरपंच हैं।

आरोप है कि सरपंच फहद आजम और उनके समर्थक वर्तमान ठेकेदार को तालाब में मछली पकड़ने की गतिविधियों को करने से रोक रहे थे।

विवाद बढ़ने पर जितेंद्र साहनी ने पुलिस से सहायता मांगी।

शुक्रवार को सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत सिंह पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और विवाद को सुलझाने का प्रयास किया।

इस बीच सरपंच और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर आक्रामक रुख अपनाया और सब-इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया।

हमले की सूचना मिलते ही कटरा पुलिस स्टेशन से अतिरिक्त पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।

घायल अधिकारी को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा पुलिस उपाधीक्षक को सौंप दिया गया है और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी है।

कुमार ने कहा कि उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर सरपंच और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

राष्ट्र प्रेस
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