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नकटा दियारा को एप्रोच रोड से जोड़ने का रास्ता साफ, गडकरी ने पप्पू यादव को भेजा पत्र

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नकटा दियारा को एप्रोच रोड से जोड़ने का रास्ता साफ, गडकरी ने पप्पू यादव को भेजा पत्र

सारांश

वर्षों के जन-आंदोलन और सांसद पप्पू यादव की पहल के बाद नकटा दियारा को NH-131G के छह लेन पुल से जोड़ने का रास्ता साफ हुआ। केंद्रीय मंत्री गडकरी के पत्र से स्पष्ट हुआ कि एप्रोच रोड बिहार सरकार बनाएगी — दियारावासियों के लिए यह शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास का द्वार खोल सकता है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद पप्पू यादव को पत्र भेजकर नकटा दियारा को एप्रोच रोड से जोड़ने की पुष्टि की।
NHAI द्वारा NH-131G खंड के तहत गंगा नदी पर छह लेन पुल का निर्माण जारी है; इसमें स्लिप रोड का प्रावधान है।
एप्रोच रोड निर्माण की जिम्मेदारी बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग को सौंपी गई है।
7 मई 2025 की केंद्रीय मंत्रालय बैठक में यह निर्णय लिया गया था, जिसमें बिहार के पथ निर्माण मंत्री भी उपस्थित थे।
दियारा विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के लंबे आंदोलन के बाद यह सफलता मिली।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पत्र भेजकर पुष्टि की है कि बिहार के नकटा दियारा नया टोला को पिलर संख्या-16 के निकट निर्माणाधीन छह लेन पुल से जोड़ने के लिए एप्रोच रोड और रैंप निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह पत्र दियारा क्षेत्र के उन हज़ारों निवासियों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, जो वर्षों से बेहतर संपर्क मार्ग की मांग करते आ रहे थे।

परियोजना का विवरण

पत्र में बताया गया है कि दीघा-सोनपुर जेपी सेतु के अपस्ट्रीम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा शेरपुर-दिघवारा (NH-131G) खंड के अंतर्गत गंगा नदी पर छह लेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना में दियारा क्षेत्र को जोड़ने के लिए एक स्लिप रोड का प्रावधान पहले से किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इस स्लिप रोड को ग्राम नकटा दियारा से जोड़ने के लिए आवश्यक एप्रोच रोड का निर्माण बिहार सरकार की ओर से कराया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

इस विषय पर 7 मई 2025 को केंद्रीय मंत्रालय में एक अहम बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री भी उपस्थित थे। उस बैठक में निर्णय लिया गया था कि निर्माणाधीन स्लिप रोड को नकटा दियारा से जोड़ने वाली एप्रोच रोड राज्य सरकार अपने स्तर पर बनाएगी। गडकरी के ताज़ा पत्र को उसी बैठक के निर्णय की आधिकारिक पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

जन-आंदोलन की भूमिका

गौरतलब है कि नकटा दियारा नया टोला और आसपास के दियारा क्षेत्र के निवासी लंबे समय से उचित संपर्क मार्ग की माँग करते आ रहे थे। दियारा विकास संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय लोगों ने जेपी गंगा गोलंबर पथ पर एप्रोच रोड के लिए धरना और आंदोलन किया था। सांसद पप्पू यादव स्वयं इस आंदोलन में शामिल हुए थे और बाद में नई दिल्ली में मंत्री गडकरी से भेंट कर एप्रोच रोड व रैंप निर्माण की माँग रखी थी।

आम जनता पर असर

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ेगा। एप्रोच रोड बन जाने से दियारावासियों के लिए बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य ज़रूरी सेवाओं तक पहुँचना सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि 'दियारा क्षेत्र को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना वहाँ के लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।'

आगे की राह

अब सभी की निगाहें बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग पर हैं, जिसे एप्रोच रोड के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद पप्पू यादव ने उम्मीद जताई है कि इस कदम से नकटा दियारा और आसपास के इलाकों में विकास की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। केंद्र-राज्य के इस समन्वय की सफलता अब राज्य सरकार के क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग की है — केंद्र ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी, राज्य की जिम्मेदारी अभी शुरू होती है। दियारा जैसे भौगोलिक रूप से कटे हुए इलाकों में बुनियादी ढाँचे की घोषणाएँ अक्सर क्रियान्वयन की धीमी गति में उलझ जाती हैं। सांसद की व्यक्तिगत पहल से मिले इस नतीजे से यह भी उजागर होता है कि संस्थागत तंत्र अकेले ऐसे हाशिये के क्षेत्रों तक नहीं पहुँच पाता। समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना ही इस राजनीतिक सफलता को ज़मीनी बदलाव में बदलेगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नकटा दियारा को एप्रोच रोड से जोड़ने की योजना क्या है?
NHAI द्वारा NH-131G खंड के तहत गंगा नदी पर निर्माणाधीन छह लेन पुल में एक स्लिप रोड का प्रावधान है। इस स्लिप रोड को नकटा दियारा नया टोला से जोड़ने के लिए एप्रोच रोड और रैंप का निर्माण बिहार सरकार कराएगी।
इस परियोजना पर निर्णय कब और कहाँ लिया गया?
7 मई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। उस बैठक में बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री भी उपस्थित थे।
पप्पू यादव ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दियारा विकास संघर्ष समिति के आंदोलन में भाग लिया और नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर एप्रोच रोड व रैंप निर्माण की माँग रखी। गडकरी का पत्र उसी माँग के जवाब में आया है।
इस एप्रोच रोड से दियारा क्षेत्र के लोगों को क्या फायदा होगा?
एप्रोच रोड बनने से नकटा दियारा और आसपास के निवासियों को मुख्य सड़क और छह लेन पुल तक सीधी पहुँच मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उपज बिक्री, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुँचना सुलभ होगा।
एप्रोच रोड का निर्माण कौन करेगा — केंद्र या राज्य सरकार?
गडकरी के पत्र के अनुसार, NH-131G परियोजना के तहत स्लिप रोड NHAI बना रहा है, जबकि उस स्लिप रोड को नकटा दियारा से जोड़ने वाली एप्रोच रोड का निर्माण बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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