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कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु जुलाई पहले सप्ताह तक पूर्ण, 98.1% काम हुआ खत्म

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कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु जुलाई पहले सप्ताह तक पूर्ण, 98.1% काम हुआ खत्म

सारांश

98.1% काम पूरा, फिनिशिंग जारी — कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु जुलाई के पहले सप्ताह तक खुलने को तैयार। 19.76 किमी लंबी यह परियोजना पटना और उत्तर बिहार के बीच यातायात की तस्वीर बदल देगी और गांधी सेतु पर दबाव घटाएगी।

मुख्य बातें

बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने 7 जून 2026 को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया।
परियोजना का भौतिक कार्य 98.1% पूरा; शेष कार्य जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक पूर्ण होगा।
कुल लंबाई 19.76 किमी — 9.76 किमी पुल + 10 किमी पहुँच पथ; 6 लेन ग्रीनफील्ड परियोजना।
पुल पटना (एनएच-30) को वैशाली के बिदुपुर (एनएच-103) से जोड़ेगा; गांधी सेतु पर यातायात दबाव घटेगा।
प्रथम चरण ( कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा, 4.57 किमी ) का उद्घाटन पहले ही हो चुका है।

बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने रविवार, 7 जून 2026 को कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का भौतिक कार्य 98.1 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष कार्य जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाएगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

पटना जिले में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30 पर स्थित कच्ची दरगाह और वैशाली जिले में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-103 पर स्थित बिदुपुर को जोड़ने वाली यह ग्रीनफील्ड परियोजना गंगा नदी पर बन रही है। कुल लंबाई 19.76 किमी है, जिसमें 9.76 किमी लंबा मुख्य पुल और 10 किमी लंबे पहुँच पथ शामिल हैं। यह सिक्स-लेन पुल पटना के सबलपुर को एनएच-103 (बिदुपुर) से जोड़ेगा और पटना–बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) से सीधे संबद्ध होगा।

वर्तमान निर्माण स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पुल पर फिनिशिंग कार्यों के साथ-साथ एक्सपेंशन जोइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी कार्य प्रगति पर हैं। गौरतलब है कि प्रथम चरण में कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा, वैशाली तक 4.57 किमी लंबे खंड का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।

सचिव के निर्देश और गुणवत्ता पर जोर

सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना करते हुए निर्माण एजेंसी और परियोजना से जुड़े अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतिम चरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर पुल को आम जनता के लिए खोला जाए।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तर बिहार और राजधानी पटना के बीच निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित होगा। हाजीपुर और समस्तीपुर की ओर जाने वाले यातायात के लिए एक नया विकल्प मिलेगा, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और गांधी सेतु पर यातायात का दबाव घटेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में कृषि, उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार राज्य के बुनियादी ढाँचे को तेज़ी से उन्नत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में परियोजना के पूर्ण होते ही इसे यातायात के लिए खोले जाने की तैयारी है, जिससे पटना और वैशाली जिलों के लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा समयसीमा पालन की है — राज्य में बड़े पुल प्रकल्पों में देरी का इतिहास रहा है। 98.1% काम पूरा होने का दावा उत्साहजनक है, परंतु एक्सपेंशन जोइंट्स स्ट्रेसिंग जैसे तकनीकी कार्य अक्सर अंतिम चरण में अतिरिक्त समय लेते हैं। गांधी सेतु पर यातायात का बोझ वर्षों से पटना की बड़ी समस्या रही है; यदि यह पुल समय पर खुलता है तो यह राज्य सरकार की क्रियान्वयन क्षमता का एक ठोस प्रमाण होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्ची दरगाह–बिदुपुर गंगा पुल कब तक पूरा होगा?
बिहार पथ निर्माण विभाग के अनुसार, यह परियोजना जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी। परियोजना का 98.1% भौतिक कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
यह पुल कितना लंबा है और किन स्थानों को जोड़ेगा?
यह 6 लेन ग्रीनफील्ड परियोजना कुल 19.76 किमी लंबी है, जिसमें 9.76 किमी का मुख्य पुल और 10 किमी के पहुँच पथ शामिल हैं। यह पटना जिले में एनएच-30 पर स्थित कच्ची दरगाह को वैशाली जिले में एनएच-103 पर स्थित बिदुपुर से जोड़ेगा।
इस पुल से आम जनता को क्या फायदा होगा?
इस पुल के खुलने से पटना और उत्तर बिहार के बीच निर्बाध सड़क संपर्क मिलेगा, यात्रा समय घटेगा और गांधी सेतु पर यातायात का दबाव कम होगा। हाजीपुर और समस्तीपुर की ओर जाने वाले वाहनों को एक नया और सुगम मार्ग मिलेगा।
क्या इस परियोजना का कोई हिस्सा पहले से खुल चुका है?
हाँ, प्रथम चरण में कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा (वैशाली) तक 4.57 किमी लंबे खंड का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। शेष और मुख्य खंड जुलाई 2026 में पूरा होने की उम्मीद है।
परियोजना में अभी कौन-से काम बाकी हैं?
वर्तमान में पुल पर फिनिशिंग कार्यों के साथ-साथ एक्सपेंशन जोइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी कार्य चल रहे हैं। विभागीय सचिव ने अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा में काम पूरा किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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