क्या बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग के रसोइयों और स्कूल गार्ड की सैलरी दोगुनी कर दी?

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क्या बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग के रसोइयों और स्कूल गार्ड की सैलरी दोगुनी कर दी?

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने रसोइयों और स्कूल गार्ड की सैलरी को दोगुना करने का ऐलान किया है, जिससे उनके मनोबल में वृद्धि होगी। जानिए इस फैसले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

रसोइयों की सैलरी दोगुनी कर 3,300 रुपए कर दी गई है।
रात्रि प्रहरियों की सैलरी 10,000 रुपए कर दी गई है।
शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की सैलरी 16,000 रुपए कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कर्मियों का मनोबल बढ़ाने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पटना, 1 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। इस निर्णय के तहत शिक्षा विभाग के अंतर्गत मध्याह्न भोजन में कार्यरत रसोइयों के मानदेय को 1650 रूपए से बढ़ाकर 3300 रूपए करने की योजना बनाई गई है।

सीएम नीतीश ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से हम शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2005 में संपूर्ण शिक्षा बजट 4,366 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 7,7690 करोड़ रुपए हो गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, नए विद्यालय भवनों का निर्माण और आधारभूत संरचनाओं का विकास शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रहा है।"

एक्स पोस्ट में आगे उल्लेख किया गया, "शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में रसोइयों, रात्रि प्रहरियों और शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने इन कर्मियों की मानदेय राशि को सम्मानजनक तरीके से दोगुना करने का निर्णय लिया है।"

सरकार के निर्णयों के अनुसार, मध्याह्न भोजन योजना में कार्यरत रसोइयों का मानदेय अब 3,300 रुपए प्रति माह होगा। माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों का मानदेय 5,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। वहीं, शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय 8,000 रुपए से बढ़ाकर 16,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इन अनुदेशकों की वार्षिक वेतन वृद्धि भी 200 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से इन कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक उत्साह एवं लगन से अपने कार्यों का निष्पादन करेंगे।

इससे पहले, 30 जुलाई को सीएम नीतीश ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में आशा और ममता कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता देते हुए उनकी मानदेय राशि में वृद्धि करने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा था, "आशा कार्यकर्ताओं को अब 1,000 रुपए की जगह 3,000 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपए की जगह 600 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे उनका मनोबल और बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार ने रसोइयों की सैलरी क्यों बढ़ाई?
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और रसोइयों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनकी सैलरी दोगुना करने का निर्णय लिया है।
रसोइयों की नई सैलरी क्या होगी?
अब रसोइयों की सैलरी 3,300 रुपए प्रति माह होगी।
स्कूल गार्ड की सैलरी में क्या बदलाव हुआ है?
स्कूल गार्ड की सैलरी को बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है।
क्या अन्य कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ाई गई है?
हाँ, शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशकों की सैलरी भी बढ़ाकर 16,000 रुपए कर दी गई है।
यह निर्णय कब लागू होगा?
यह निर्णय तुरंत लागू किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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