क्या बिहार एसआईआर में पटना जिले में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार एसआईआर में पटना जिले में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे?

सारांश

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के बाद पटना जिले में सबसे अधिक वोटरों के नाम कटे हैं। जानिए इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी और आंकड़े।

मुख्य बातें

पटना में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम काटे गए हैं।
बिहार में कुल 78,969,844 मतदाता हैं।
मधुबनी और पूर्वी चंपारण का भी नाम सूची में है।
इस प्रक्रिया को एसआईआर कहा जाता है।
मतदाता सूची को अद्यतन किया जा रहा है।

पटना, 1 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के उपरांत, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को पहला संशोधित वोटर लिस्ट ड्राफ्ट पेश किया। इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में पटना जिले में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम काटे गए हैं, जबकि मधुबनी दूसरे और पूर्वी चंपारण तीसरे स्थान पर है।

चुनाव आयोग ने सभी जिलों के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें यह जानकारी दी गई है कि किस जिले में कितने वोटर थे, कितने वोटर बचे और कितने के नाम काटे गए हैं। बिहार में कुल 78,969,844 मतदाताओं में से 6,564,075 वोटरों को सूची से हटा दिया गया है। ड्राफ्ट लिस्ट में 72,405,756 वोटरों के नाम शामिल हैं।

पटना की बात करें तो यहाँ कुल 50,47,194 वोटर थे। एसआईआर के बाद ड्राफ्ट में 46,51,694 वोटरों के नाम हैं, जबकि 3,95,500 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। मधुबनी में कुल वोटर 33,76,790 थे, जिनमें से 3,52,545 नाम हटाए गए हैं। 30,24,245 मतदाता शेष बचे हैं। पूर्वी चंपारण में 36,89,848 वोटरों में से 3,16,793 नाम काटे गए हैं, और अब 33,73,055 वोटर शेष बचे हैं।

मृतकों के नाम की बात करें तो वोटर लिस्ट से 22.34 लाख यानी 2.83 प्रतिशत वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित वोटरों की संख्या 36.28 लाख यानी 4.59 प्रतिशत और पहले से नामांकित वोटरों की संख्या 7.01 लाख यानी 0.89 प्रतिशत है, जिन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में स्थान नहीं मिला। बिहार के 38 जिलाधिकारियों ने 243 विधानसभा क्षेत्रों के 90,817 मतदान केंद्रों के लिए तैयार मतदाता सूची का प्रारूप मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा कर दिया है।

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और 243 निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) उस विधानसभा क्षेत्र के किसी भी मतदाता या बिहार के किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक किसी भी छूटे हुए पात्र मतदाता के नाम जोड़ने, किसी भी अपात्र मतदाता के नाम हटाने या मसौदा मतदाता सूची में किसी भी प्रविष्टि में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
यह एक विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है।
पटना में कितने वोटरों के नाम कटे?
पटना में कुल 3,95,500 वोटरों के नाम काटे गए हैं।
बिहार में कितने कुल मतदाता हैं?
बिहार में कुल 78,969,844 मतदाता हैं।
मीटर लिस्ट के ड्राफ्ट में कितने वोटरों के नाम हैं?
ड्राफ्ट लिस्ट में 72,405,756 वोटरों के नाम शामिल हैं।
इस प्रक्रिया में क्या बदलाव आ सकता है?
यह प्रक्रिया मतदान को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने में मदद करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले