क्या बीजापुर में मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली ढेर हुए?
सारांश
Key Takeaways
- बीजापुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की।
- दो इनामी नक्सली मारे गए हैं।
- हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
बीजापुर, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बासागुड़ा थाना क्षेत्र के गगनपल्ली और मुरकीपारा के वन क्षेत्र में शनिवार को माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में दो सशस्त्र माओवादी मारे गए। उनके शवों के साथ हथियार भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि बासागुड़ा क्षेत्र में 10 से 15 हथियारबंद माओवादी सक्रिय हैं। इसी सूचना के आधार पर बीजापुर की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम ने तलाशी अभियान प्रारंभ किया। तीन जनवरी 2026 की सुबह लगभग 5 बजे माओवादियों ने पहले गोलीबारी की। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से काफी समय तक गोलीबारी होती रही।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ खत्म होने के बाद गहन तलाशी के दौरान दो माओवादियों के शव मिले। मारे गए माओवादियों की पहचान हो गई है। पहले का नाम हुंगा मड़काम उर्फ पंचुगा, जो सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का निवासी था। दूसरे का नाम आयती मुचाकी उर्फ जोगी, जो बीजापुर जिले के पीनाचंदा गांव का निवासी था। दोनों पामेड़ एरिया कमेटी से जुड़े थे और इन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल और उसकी मैगजीन में नौ राउंड, एक 12 बोर का देशी कट्टा और पांच कारतूस, एक स्कैनर सेट, कॉर्डेक्स वायर, माओवादी बैग और साहित्य के साथ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता है। इलाके में माओवादी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है और तलाशी अभियान जारी रहेगा।