क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मुठभेड़ में 6 माओवादी ढेर हुए?
सारांश
Key Takeaways
- बीजापुर में 6 माओवादी मारे गए।
- सुरक्षा बलों ने उच्च ग्रेड के हथियार बरामद किए।
- मुठभेड़ में 4 महिला माओवादी शामिल थे।
- सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
- स्थानीय जनता की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों का प्रयास लगातार है।
बीजापुर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में रविवार को सुरक्षा बलों और माओवादी समूह के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें 6 माओवादी कैडरों के शव मिले हैं। सुरक्षाबलों ने माओवादी के कब्जे से दो एके-47, एक इंसास, दो .303 राइफल और एक कार्बाइन सहित 6 ग्रेडेड हथियार भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों में 4 महिला माओवादी कैडर भी शामिल हैं। आसपास के क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार से चल रहे सर्च ऑपरेशन के क्रम में कई बार मुठभेड़ हुई।
उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
सर्च अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से शुक्रवार को दोपहर तक दो माओवादी कैडरों के शव बरामद हुए। इसके बाद शाम को हुई मुठभेड़ में और दो माओवादी कैडरों के शव भी मिले।
सर्च ऑपरेशन की निरंतरता के क्रम में रविवार को माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद और दो माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ और सभी स्थानीय पुलिस बल बस्तर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। वे स्थानीय जनता की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति की स्थापना के लिए माओवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं।
सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की पहचान डीवीसीएम दिलीप बेड़जा, एसीएम माड़वी कोसा, एसीएम लक्खी मड़काम और राधा मेट्टा के रूप में की गई है। हालांकि, दो माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।