पश्चिम बंगाल: खड़दह में BJP के दो गुट भिड़े, रंगदारी विवाद में दो नेता गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह में 6 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो गुटों के बीच कथित 'रंगदारी' वसूली को लेकर हिंसक झड़प हो गई, जिसमें तीन भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। घटना के बाद रहड़ा थाने के बाहर प्रदर्शन करने के आरोप में भाजपा के दो स्थानीय नेताओं — इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर — को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खड़दह विधानसभा क्षेत्र के पाटुलिया इलाके में सोमवार को दो भाजपा गुटों के बीच तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, बहस से शुरू हुआ विवाद जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गया और सार्वजनिक स्थान तक फैल गया। आरोप है कि झड़प के दौरान एक स्वास्थ्य केंद्र पर कथित तौर पर बम भी फेंका गया। रहड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ता थाने के बाहर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे।
विवाद की जड़: कथित रंगदारी वसूली
भाजपा नेता इंद्रनील कुमार दास के मुताबिक, खड़दह मंडल-3 के उपाध्यक्ष हिमाद्री सिकदर पर आरोप है कि वे मछली पालन केंद्र से हर महीने कथित तौर पर रंगदारी वसूल रहे थे। दास का दावा है कि जब उन्होंने सिकदर से इस वसूली पर सवाल उठाया तो दोनों पक्षों में पहले बहस और फिर मारपीट शुरू हो गई। उनके अनुसार, राज्य सरकार के मंत्री कल्याण मुखर्जी को भी कथित वसूली की जानकारी थी और उन्होंने हस्तक्षेप कर इसे रोकने को कहा था।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
घटना के बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। सिकदर के समर्थकों ने दावा किया कि दास का भाजपा से वास्तविक कोई संबंध नहीं है और कुछ ऐसे लोग पार्टी का नाम इस्तेमाल कर कथित तौर पर रंगदारी वसूल रहे हैं जो विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए काम कर चुके हैं। दास ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के मंत्री कल्याण मुखर्जी के चुनाव एजेंट रह चुके हैं और उनका TMC से कभी कोई नाता नहीं रहा। वहीं, स्थानीय भाजपा के एक धड़े ने इसे पार्टी के भीतर की गुटबाजी का परिणाम मानने से इनकार किया है।
गिरफ्तारी और जाँच
पुलिस ने इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर — दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा की वास्तविक परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए जाँच जारी है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना पश्चिम बंगाल में BJP के सत्ता में आने के करीब पाँच महीने बाद पार्टी के भीतर उभरते गुटीय तनाव का एक और उदाहरण है। गौरतलब है कि सत्ता परिवर्तन के बाद विभिन्न संगठनों और इलाकों में प्रभाव क्षेत्र को लेकर आंतरिक खींचतान की खबरें आती रही हैं। आलोचकों का कहना है कि जब तक पार्टी अपने संगठनात्मक ढाँचे को मज़बूत नहीं करती, इस तरह की घटनाएँ सत्ताधारी दल की छवि को नुकसान पहुँचाती रहेंगी।