भाजपा नेता रोहन गुप्ता का विपक्ष पर हमला: महिला आरक्षण बिल पर फैला रहे भ्रम
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष का विरोध अनावश्यक है।
- रोहन गुप्ता ने विपक्ष की दोहरी राजनीति का आरोप लगाया।
- सरकार महिलाओँ के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है।
- टीसीएस लव जिहाद मामले पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
- संविधान के खिलाफ जाकर राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है।
अहमदाबाद, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देश में परिसीमन के मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जानबूझकर दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी कम करने की गंभीर साजिश का आरोप लगाया है। इस बीच, भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने शुक्रवार को विपक्ष पर तीखा हमला किया।
रोहन गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो रहा है कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। विपक्ष की राजनीति पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। वे लोगों को बांटने की पुरानी राजनीति कर रहे हैं और यह भ्रम फैला रहे हैं कि दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी घट जाएगी। ऐसे में, उनकी दोहरी राजनीति अब स्पष्ट हो चुकी है। केंद्र सरकार अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सरकार विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों का जवाब दे रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उन्होंने जो महिला आरक्षण का आश्वासन दिया था, उसे पूरा करने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। इसका विरोध केवल वही लोग कर सकते हैं, जिनके कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। महिला आरक्षण बिल का विरोध वही लोग कर सकते हैं, जो महिलाओं के विकास के खिलाफ हैं। विपक्ष को आज देश को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस बात का विरोध कर रहे हैं।"
रोहन गुप्ता ने कहा, "पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें इसका कोई श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन जब महिलाओं को अधिकार दिए जा रहे हैं, तो विपक्ष को इसमें रुकावट नहीं डालनी चाहिए। अन्यथा, भविष्य की सरकार कभी उन्हें माफ नहीं करेगी। अब यह विपक्ष की परीक्षा है कि वे अपनी राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के साथ खड़े होते हैं या इसके खिलाफ।"
भाजपा नेता ने टीसीएस लव जिहाद मामले को गंभीर बताते हुए कहा, "मैनेजमेंट इस मामले पर कार्रवाई के लिए तैयार है, जो एक स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन हमें यह समझना होगा कि यह समस्या कितनी फैली हुई है और इसे रोकना देश के लिए कितना महत्वपूर्ण है। इसके लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि देश को कमजोर करने का प्रयास न हो।"
सपा मुखिया अखिलेश यादव के मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने वाले बयान पर निशाना साधते हुए रोहन गुप्ता ने कहा, "अखिलेश जानते हैं कि संविधान में धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के आरक्षण का प्रावधान नहीं है। ऐसे में, वह संविधान की प्रति लेकर क्यों घूमते हैं? उन्हें संविधान के खिलाफ बातें नहीं करनी चाहिए। महिला आरक्षण को हिंदू-मुसलमान के आधार पर बांटना उचित नहीं है।"