राहुल गांधी की चाय पार्टी पर BJP का पलटवार: 'बैसाखी पर आंदोलन चलाना चाहते हैं नेता प्रतिपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को चाय पार्टी में आमंत्रित किए जाने की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। नई दिल्ली में 15 अक्टूबर 2026 को BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अन्य दलों और संगठनों की 'बैसाखी' पर भरोसा करके एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की कोशिश में हैं। यह विवाद उस समय गहरा गया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस चुनाव आयोग के मुद्दे को लगातार केंद्र में रखने की रणनीति बना रही है।
BJP सांसद का सीधा हमला
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'राहुल गांधी किसे आमंत्रित करते हैं, यह उनका विषय है। लेकिन देश उनकी एक-एक गतिविधि को ध्यान से देख रहा है और समय आने पर देश इसका निर्णय करेगा कि राहुल गांधी किस प्रकार से 'एंटी-इंडिया' ताकतों के साथ हाथ मिलाकर के चीजों को खराब करने में जुटे हैं।' खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि जनता अपना फैसला स्वयं करेगी।
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का 'बैसाखी' वाला बयान
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'राहुल गांधी को समझ में आ रहा है कि अब उनके बस का कुछ नहीं है। इसलिए वे बाकी दलों के, बाकी जो संगठन हैं, उनके बैसाखी पर अभी एक पूरा आंदोलन चलाना चाहते हैं।' यह टिप्पणी उनके इस संकेत के साथ आई कि कांग्रेस अपने दम पर विपक्षी एकजुटता बनाने में सक्षम नहीं रही।
अभिजीत दिपके और AAP कनेक्शन पर सवाल
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को निमंत्रण पर आरपी सिंह ने कहा, 'जहाँ तक अभिजीत दीपके का मामला है, तो स्पष्ट है कि वो आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थक हैं और आम आदमी पार्टी की ओर से स्पॉन्सर्ड हैं। वो आम आदमी पार्टी के सर्विस विंग की तरह काम कर रहे हैं।' उन्होंने AAP से यह स्पष्ट करने की माँग की कि क्या दिपके को पार्टी की मर्जी से भेजा गया है या वे स्वयं गए हैं।
राहुल की चाय पार्टी और चुनाव आयोग विवाद
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, NSUI और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों को चाय पर बुलाया है। इसी कड़ी में अभिजीत दिपके को भी आमंत्रण देने की चर्चाएँ हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ चाय पर चर्चा की थी, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने की रणनीति तय की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को अपना प्रमुख एजेंडा बना रहा है।
आगे क्या होगा
BJP के इस पलटवार के बाद अब देखना होगा कि कांग्रेस किस प्रकार अपनी चाय-पार्टी कूटनीति को आगे बढ़ाती है और क्या अभिजीत दिपके को आधिकारिक रूप से आमंत्रण दिया जाएगा। AAP की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में संसदीय सत्र से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकता है।