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राहुल गांधी की चाय पार्टी पर BJP का पलटवार: 'बैसाखी पर आंदोलन चलाना चाहते हैं नेता प्रतिपक्ष'

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राहुल गांधी की चाय पार्टी पर BJP का पलटवार: 'बैसाखी पर आंदोलन चलाना चाहते हैं नेता प्रतिपक्ष'

सारांश

BJP ने राहुल गांधी की 'चाय पार्टी कूटनीति' को निशाना बनाया है — BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 'एंटी-इंडिया ताकतों' से गठजोड़ का आरोप लगाया, जबकि प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल अब 'दूसरों की बैसाखी' पर आंदोलन चलाना चाहते हैं। CEC ज्ञानेश कुमार विवाद की पृष्ठभूमि में यह टकराव और तेज हो गया है।

मुख्य बातें

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी पर 'एंटी-इंडिया ताकतों' से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी 'दूसरे दलों और संगठनों की बैसाखी' पर आंदोलन चलाना चाहते हैं।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को राहुल गांधी की चाय पार्टी में आमंत्रण की चर्चाएँ; BJP ने उन्हें AAP का 'सर्विस विंग' बताया।
राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, NSUI और कांग्रेस सेवा दल पदाधिकारियों को भी चाय पर बुलाया है।
यह सब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को चाय पार्टी में आमंत्रित किए जाने की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। नई दिल्ली में 15 अक्टूबर 2026 को BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अन्य दलों और संगठनों की 'बैसाखी' पर भरोसा करके एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की कोशिश में हैं। यह विवाद उस समय गहरा गया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस चुनाव आयोग के मुद्दे को लगातार केंद्र में रखने की रणनीति बना रही है।

BJP सांसद का सीधा हमला

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'राहुल गांधी किसे आमंत्रित करते हैं, यह उनका विषय है। लेकिन देश उनकी एक-एक गतिविधि को ध्यान से देख रहा है और समय आने पर देश इसका निर्णय करेगा कि राहुल गांधी किस प्रकार से 'एंटी-इंडिया' ताकतों के साथ हाथ मिलाकर के चीजों को खराब करने में जुटे हैं।' खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि जनता अपना फैसला स्वयं करेगी।

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का 'बैसाखी' वाला बयान

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'राहुल गांधी को समझ में आ रहा है कि अब उनके बस का कुछ नहीं है। इसलिए वे बाकी दलों के, बाकी जो संगठन हैं, उनके बैसाखी पर अभी एक पूरा आंदोलन चलाना चाहते हैं।' यह टिप्पणी उनके इस संकेत के साथ आई कि कांग्रेस अपने दम पर विपक्षी एकजुटता बनाने में सक्षम नहीं रही।

अभिजीत दिपके और AAP कनेक्शन पर सवाल

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को निमंत्रण पर आरपी सिंह ने कहा, 'जहाँ तक अभिजीत दीपके का मामला है, तो स्पष्ट है कि वो आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थक हैं और आम आदमी पार्टी की ओर से स्पॉन्सर्ड हैं। वो आम आदमी पार्टी के सर्विस विंग की तरह काम कर रहे हैं।' उन्होंने AAP से यह स्पष्ट करने की माँग की कि क्या दिपके को पार्टी की मर्जी से भेजा गया है या वे स्वयं गए हैं।

राहुल की चाय पार्टी और चुनाव आयोग विवाद

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, NSUI और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों को चाय पर बुलाया है। इसी कड़ी में अभिजीत दिपके को भी आमंत्रण देने की चर्चाएँ हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ चाय पर चर्चा की थी, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने की रणनीति तय की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को अपना प्रमुख एजेंडा बना रहा है।

आगे क्या होगा

BJP के इस पलटवार के बाद अब देखना होगा कि कांग्रेस किस प्रकार अपनी चाय-पार्टी कूटनीति को आगे बढ़ाती है और क्या अभिजीत दिपके को आधिकारिक रूप से आमंत्रण दिया जाएगा। AAP की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में संसदीय सत्र से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2014 के बाद कांग्रेस की पारंपरिक रणनीति से अलग है। लेकिन BJP का पलटवार भी उतना ही राजनीतिक है — 'एंटी-इंडिया' और 'AAP सर्विस विंग' जैसे आरोप असल बहस को नैरेटिव युद्ध में बदल देते हैं। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग की साख पर उठ रहे विपक्षी सवालों को क्या ये चाय-पार्टियाँ कोई ठोस जन-आंदोलन में बदल पाएँगी, या यह केवल संसदीय सत्र से पहले का राजनीतिक शोर है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने अभिजीत दिपके को चाय पार्टी पर क्यों बुलाया?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, NSUI और कांग्रेस सेवा दल पदाधिकारियों के साथ CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को भी चाय पर बुलाने की चर्चाएँ हैं। इसे चुनाव आयोग के मुद्दे पर व्यापक गठजोड़ बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP ने 'बैसाखी पर आंदोलन' से क्या तात्पर्य निकाला?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अब खुद की ताकत पर भरोसा नहीं कर पा रहे और इसलिए दूसरे दलों व संगठनों की 'बैसाखी' लेकर आंदोलन खड़ा करना चाहते हैं। यह टिप्पणी कांग्रेस की स्वतंत्र जन-आधार कमज़ोरी की ओर इशारा करती है।
अभिजीत दिपके कौन हैं और BJP ने उन पर AAP से जुड़े होने का आरोप क्यों लगाया?
अभिजीत दिपके सीजेपी (CJP) के संस्थापक हैं। BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने उन पर AAP के समर्थक और 'सर्विस विंग' की तरह काम करने का आरोप लगाया है। BJP ने AAP से यह स्पष्ट करने की माँग की है कि दिपके को पार्टी की सहमति से भेजा गया है या नहीं।
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विवाद क्या है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इसी विवाद को लेकर राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और सहयोगियों के साथ बैठकें और चाय पार्टियाँ की हैं।
क्या राहुल गांधी की चाय पार्टी कूटनीति नई है?
इससे पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी ने अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ चाय पर चुनाव आयोग मुद्दे पर रणनीति बनाई थी। यह सिलसिला दर्शाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे को सिर्फ संसद तक सीमित न रखते हुए व्यापक गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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