गिरिराज सिंह का राहुल गांधी और अभिजीत दिपके पर हमला, 'अहंकार' और 'अराजकता' पर तीखे बोल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 16 अक्टूबर 2026 को पटना में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बयान और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कड़ी आलोचना की, और साथ ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी तीखे आरोप लगाए। गिरिराज सिंह ने दिपके को 'आतंकवादी' बताया और राहुल गांधी पर पद की गरिमा भंग करने का आरोप जड़ा।
दिपके पर गिरिराज का हमला
गिरिराज सिंह ने कहा, 'उन्हें गलतफहमी है कि वे भगत सिंह बन गए हैं। ये लोग आतंकवादी हैं। वे पहले युवाओं के प्रतिनिधि के रूप में आए थे, लेकिन अब आम आदमी पार्टी, राहुल गांधी और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के प्रतिनिधि बन गए हैं।' उन्होंने सरकार से ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की जो कि युवाओं को भड़काकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ना चाहते हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया, 'जो लोग अराजकता फैलाते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वे भगत सिंह नहीं हैं और उन्हें इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए।' गौरतलब है कि अभिजीत दिपके की कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक सामाजिक-राजनीतिक संगठन है जो हाल के दिनों में अपने प्रस्तावित प्रदर्शनों को लेकर विवादों में रही है।
राहुल गांधी पर 'अहंकार' का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि पद की गरिमा होती है। वे एलओपी हैं, लेकिन काम कॉकरोच पार्टी के नेता की तरह कर रहे हैं, बल्कि उससे भी बुरा काम कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि गांधी को लगता है कि भारत की सत्ता पर बैठने का अधिकार केवल नेहरू परिवार को है।
गिरिराज सिंह ने यह भी कहा, 'राहुल गांधी सत्ता की भूख में देश को तबाह करना चाहते हैं, क्योंकि लोकतंत्र और वोट के माध्यम से वे प्रधानमंत्री बन नहीं सकते।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश के करीब नौ राज्यों में 30-40 वर्षों से कांग्रेस की सरकार नहीं आई है।
सर्वोच्च न्यायालय प्रसंग पर सवाल
गिरिराज सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय में राहुल गांधी के हालिया कदम पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, 'वे अहंकार में आकर सुप्रीम कोर्ट में भी फौज लेकर चले गए। उन्होंने कोर्ट की अवमानना की है और उन्हें कोर्ट से तथा देश से माफी माँगनी चाहिए।' आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ते वाक्-युद्ध का हिस्सा हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच संसदीय एवं सार्वजनिक मोर्चों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गिरिराज सिंह पहले भी विपक्ष पर तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने एक तृतीय दल के नेता दिपके और विपक्ष के नेता गांधी को एक साथ निशाने पर लिया, जो राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में नई पंक्ति खींचता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और सीजेपी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।