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क्या भाजपा ने ममता बनर्जी पर ईडी की छापेमारी में बाधा डालने का आरोप लगाया?

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क्या भाजपा ने ममता बनर्जी पर ईडी की छापेमारी में बाधा डालने का आरोप लगाया?

सारांश

भाजपा के प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने ममता बनर्जी पर ईडी की छापेमारी में हस्तक्षेप का आरोप लगाया। यह आरोप भ्रष्टाचार और हवाला केस से संबंधित है, जो राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी पर ईडी की छापेमारी में हस्तक्षेप का आरोप।
भ्रष्टाचार और हवाला केस से संबंधित है यह विवाद।
राजनीति में यह एक नया मोड़ साबित हो सकता है।
जनता का प्रतिक्रिया देना महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का अवसर।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भ्रष्टाचार और हवाला केस से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए उन पर तीखा हमला किया है।

मीडिया से बातचीत करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान स्वयं एक राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के परिसर में घुसकर आवश्यक दस्तावेज, लैपटॉप और पेन ड्राइव हटा दिए, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई।

उनके अनुसार, यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री ने कथित रूप से ईडी के चल रहे ऑपरेशन में बाधा डाली है।

उन्होंने इसे 'बेहद शर्मनाक और चिंताजनक' बताया और दावा किया कि बनर्जी के कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि वह बहुत कुछ छुपाने का प्रयास कर रही हैं।

कुल दस स्थानों पर, जिनमें बंगाल के छह और दिल्ली के चार स्थान शामिल हैं, ये छापे 2020 में दर्ज कोयला तस्करी घोटाले की जांच का हिस्सा थे, जिसमें बड़े पैमाने पर हवाला लेनदेन शामिल था।

ईडी ने पीएमएलए एक्ट के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के सबूतों का हवाला देते हुए अनूप माझी और आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतिभ जैन से जुड़े परिसरों को निशाना बनाया था।

पात्रा ने बताया कि ईडी अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पहचान पत्र दिखाने के बाद आई-पैक के ऑफिस में छापेमारी शांति से चल रही थी। लेकिन, बनर्जी के बंगाल पुलिस के साथ अचानक आने से यह प्रक्रिया बाधित हुई।

उन्होंने कहा, "शायद ऐसा दृश्य हिंदी फिल्मों में भी नहीं देखा गया होगा।"

उन्होंने बनर्जी पर भ्रष्टाचार को बचाने और केंद्रीय एजेंसियों को डराने के लिए राज्य पुलिस मशीनरी का उपयोग करने का भी आरोप लगाया। पूर्व में उठाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए, पात्रा ने याद दिलाया कि 2025 में, तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा ने आई-पैक के सहयोगियों को भ्रष्ट बताया था।

इस पृष्ठभूमि में, उन्होंने तर्क दिया कि छापेमारी के दौरान बनर्जी के हस्तक्षेप से उनके इरादों पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने उन पर बंगाल को एक 'अलग क्षेत्र' बनाने का आरोप लगाया, जहां राष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी की जाती है, और ईडी की रेड, बीएसएफ भूमि आवंटन और घुसपैठियों के खिलाफ उपायों का विरोध करने का उल्लेख किया।

पात्रा ने जोर देकर कहा कि बंगाल के लोग "माफिया-शैली के शासन" को बर्दाश्त नहीं करेंगे और बनर्जी के "अराजक शासन" का जवाब लोकतांत्रिक तरीकों से देंगे। उन्होंने कहा, "जनता भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करती है," और भविष्यवाणी की कि आने वाले दिनों में नागरिक उनके खिलाफ मजबूती से खड़े होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
भाजपा ने ममता बनर्जी पर ईडी की छापेमारी में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
ईडी की छापेमारी का कारण क्या था?
ईडी की छापेमारी भ्रष्टाचार और हवाला केस से संबंधित है।
क्या ममता बनर्जी ने ईडी के ऑपरेशन में बाधा डाली?
भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप किया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
क्या लोग इस हस्तक्षेप के खिलाफ प्रतिक्रिया देंगे?
भाजपा का मानना है कि लोग इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिक्रिया देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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