क्या बोकारो में 20 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करेगा?

Click to start listening
क्या बोकारो में 20 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करेगा?

सारांश

बोकारो में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू हुआ है, जो पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में सहायक होगा। केंद्रीय कोयला मंत्री के उद्घाटन से स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक नई पहल हुई है।

Key Takeaways

  • बोकारो में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है।
  • इसका उद्घाटन केंद्रीय कोयला मंत्री द्वारा किया गया।
  • यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का उपयोग कोयला उत्पादन कार्यों में होगा।
  • परियोजना से पर्यावरण संतुलन भी बनाए रखा जाएगा।

बोकारो, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो जिले के दुगदा स्थित बीसीसीएल के कोल वाशरी प्लांट परिसर में 20 मेगावाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू हो चुका है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने धनबाद स्थित कोयला भवन से ऑनलाइन माध्यम से इस प्लांट का उद्घाटन किया। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कोल इंडिया द्वारा लगभग 138 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित यह सोलर पावर प्लांट दुगदा कोल वाशरी परिसर में स्थापित किया गया है। इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग कोयला उत्पादन से जुड़े कार्यों और राज्य के पावर ग्रिड को सशक्त करने में किया जाएगा।

यह सोलर पावर प्लांट 31 मार्च 2025 से नियमित रूप से 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा और डीवीसी चंद्रपुरा के पावर ग्रिड को बिजली की आपूर्ति करने में मदद करेगा। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि कोल इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईं राम ने बताया कि भविष्य में कोल इंडिया की विभिन्न इकाइयों में सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि दुगदा सोलर पावर प्लांट न केवल ऊर्जा उत्पादन में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इस परियोजना के शुरू होने से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और देश की ऊर्जा क्षेत्र में हरित परिवर्तन को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि कंपनी कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और शून्य प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन के लिए काम कर रही है। कोल इंडिया की खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली उत्पादन बढ़ाना और वायुमंडल में कार्बन उत्सर्जन को कम करना अत्यंत आवश्यक है।

Point of View

बल्कि यह पूरे देश के ऊर्जा विकास में एक नई दिशा प्रदान करेगा। सरकार का यह प्रयास पर्यावरण संतुलन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम है।
NationPress
11/02/2026

Frequently Asked Questions

बोकारो में सोलर पावर प्लांट की क्षमता क्या है?
बोकारो में सोलर पावर प्लांट की क्षमता 20 मेगावाट है।
इस सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किसने किया?
इसका उद्घाटन केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया।
यह परियोजना पर्यावरण के लिए कैसे फायदेमंद है?
यह परियोजना पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करके पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी।
इस प्लांट से बिजली किसके लिए उपयोग की जाएगी?
इस प्लांट से उत्पन्न बिजली का उपयोग कोयला उत्पादन और राज्य के पावर ग्रिड के लिए किया जाएगा।
कोल इंडिया की योजना क्या है?
कोल इंडिया का लक्ष्य भविष्य में सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करना है।
Nation Press