12 अक्टूबर 2026
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ब्रजेश पाठक बोले: शिक्षक ही राष्ट्र के शिल्पकार, विद्यार्थियों में संस्कार और राष्ट्रप्रेम जरूरी

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ब्रजेश पाठक बोले: शिक्षक ही राष्ट्र के शिल्पकार, विद्यार्थियों में संस्कार और राष्ट्रप्रेम जरूरी

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में 'शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026' में कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, चरित्र और राष्ट्रप्रेम भी गढ़ते हैं — और यही असली राष्ट्र निर्माण है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 12 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित 'शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026' को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार हैं — किताबी ज्ञान के साथ-साथ चरित्र, संस्कार और जीवन मूल्यों का निर्माण भी उनका दायित्व है।
शिक्षकों से आह्वान किया कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्य, नवाचार, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का कर्तव्यबोध विकसित करें।
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
पाठक ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 12 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित 'शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026' को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार हैं और विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता तथा राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करना आज की सबसे बड़ी शैक्षिक आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की समझ विकसित करना भी है।

शिक्षकों की भूमिका और राष्ट्र निर्माण

पाठक ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, जीवन मूल्यों और चरित्र को आकार देते हैं। उनके अनुसार, शिक्षकों के ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से ही आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा मिलती है और एक सशक्त, शिक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने रेखांकित किया कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला है और इस बदलाव की अगुवाई शिक्षक ही करते हैं।

विद्यार्थियों में मूल्य और कर्तव्यबोध

उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें मानवीय मूल्य, नवाचार और आत्मविश्वास भी विकसित करें। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।

पाठक ने कहा कि शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को न केवल सफलता की राह दिखाता है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता है।

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षक पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका परिश्रम और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता भावी पीढ़ी को योग्य, जिम्मेदार और संस्कारित बनाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना वस्तुतः ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान करना है।

आगे की राह

यह संगोष्ठी ऐसे समय में आयोजित हुई जब उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और शिक्षकों की क्षमतावर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। पाठक के बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार शिक्षकों को केवल सेवक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखती है। आने वाले समय में शिक्षकों के प्रशिक्षण और सम्मान की दिशा में और कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी नीतिगत कदमों से होगी — क्या उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, उनके प्रशिक्षण में निवेश बढ़ाने और वेतन विसंगतियाँ दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी? राज्य में हजारों सरकारी विद्यालयों में अभी भी शिक्षकों की भारी कमी है। 'संस्कार और राष्ट्रप्रेम' के आह्वान तब अर्थपूर्ण बनते हैं जब शिक्षक स्वयं सम्मानजनक कार्यदशाओं और समय पर वेतन की गारंटी के साथ काम करें। वक्तव्य सही दिशा में है, पर इसे जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अब नीति-निर्माताओं की है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रजेश पाठक ने शैक्षिक संगोष्ठी में क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 12 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित 'शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026' में कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार हैं और विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता तथा राष्ट्रप्रेम विकसित करना आवश्यक है।
'शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026' क्या है?
यह लखनऊ में आयोजित एक राज्यस्तरीय शैक्षिक कार्यक्रम है जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है और शिक्षा की गुणवत्ता पर विचार-विमर्श होता है।
उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों से क्या आह्वान किया?
पाठक ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्य, नवाचार, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करें, ताकि वे भविष्य में देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।
शिक्षकों का सम्मान क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्रजेश पाठक के अनुसार, शिक्षकों का सम्मान वस्तुतः ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान है। शिक्षकों के योगदान से ही समाज को सही दिशा मिलती है और देश की भावी पीढ़ी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
क्या उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधार पर सरकार का कोई विशेष जोर है?
इस संगोष्ठी के संदर्भ से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की क्षमतावर्धन पर ध्यान दे रही है। हालाँकि, ठोस नीतिगत घोषणाओं का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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