क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चर्चा की?
सारांश
Key Takeaways
- बजट 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।
- राज्यों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट में मदद मिलेगी।
- स्पेशल असिस्टेंस स्कीम को जारी रखने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बजट से पहले चर्चा का संचालन किया।
इस बैठक में शामिल सदस्यों ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेष रूप से, कई प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि राज्यों के लिए कैपिटल इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए स्पेशल असिस्टेंस स्कीम को अधिक आवंटन के साथ जारी रखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे एसेट क्रिएशन में तेजी आती है और विधानसभा युक्त राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कैपिटल इन्वेस्टमेंट को समर्थन मिलता है।
गौरतलब है कि 2020-21 से केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस स्कीम के तहत राज्यों को 50 साल के इंटरेस्ट-फ्री लोन के रूप में 4.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक जारी किए हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बैठक में शामिल सभी को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि बजट 2026-27 तैयार करते समय उनके सुझावों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, मणिपुर के राज्यपाल, गोवा, हरियाणा, मेघालय, सिक्किम, केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हुए।
इसके साथ ही, आर्थिक मामलों, खर्च और राजस्व विभागों के सचिव और केंद्रीय वित्त मंत्रालय तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक का हिस्सा बने।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक होगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र को बुलाने की मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स, नौकरीपेशा, किसान और उद्योग जगत के सभी की नजरें अब बजट 2026 पर हैं।