कैप्टन स्मित मच्छार की जाँबाज़ी: पूर्व सहकर्मी टीना गोस्वामी ने बताया कैसे बचीं 175-180 यात्रियों की जानें
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण सूझबूझ और साहस को दुनिया भर में सराहा जा रहा है। इस घटना के बाद उनके साथ फ्लाईदुबई में काम कर चुकीं पूर्व सहकर्मी टीना गोस्वामी ने विशेष बातचीत में कैप्टन मच्छार के व्यक्तित्व, प्रशिक्षण और उस निर्णायक पल का विस्तृत विवरण दिया, जब घायल अवस्था में उन्होंने अनियंत्रित विमान में करीब 175 से 180 यात्रियों की जान बचाने की आखिरी कोशिश की।
पहली प्रतिक्रिया: झटका और राहत
टीना गोस्वामी ने बताया कि जब उन्हें इस घटना की पहली जानकारी मिली, तो उनकी सबसे पहली प्रतिक्रिया यही थी — 'क्या सब ठीक है?' उन्होंने कहा, 'यह सामान्य स्थिति नहीं थी, बल्कि बेहद गंभीर और असामान्य परिस्थिति थी।' शुरुआत में सभी को ज़बरदस्त झटका लगा, क्योंकि किसी को भी ऐसे संकट की उम्मीद नहीं थी।
बाद में जब पता चला कि कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभाल लिया और इतने यात्रियों की जान सुरक्षित रही, तो सभी को गहरी राहत मिली।
खतरा बाहर नहीं, विमान के अंदर से था
टीना गोस्वामी ने बताया कि एक पायलट की ट्रेनिंग में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए टीमवर्क और क्रू कोऑर्डिनेशन की अहम भूमिका होती है। लेकिन इस घटना में खतरा विमान के बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से पैदा हुआ था — जो पूरी एविएशन कम्युनिटी के लिए चौंकाने वाली बात थी।
उन्होंने कहा, 'जब हमें पता चला कि खतरा विमान के भीतर ही है, तो यह हमारे लिए बेहद अप्रत्याशित था। ऐसी परिस्थितियों के लिए मानक प्रक्रियाएँ अलग होती हैं।'
घायल अवस्था में दरवाज़ा खोलने की आखिरी कोशिश
टीना ने उस अदम्य प्रयास का ज़िक्र किया जब कैप्टन मच्छार ने घायल होते हुए भी अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'उन्हें उस वक्त यह समझ आ गया था कि घायल अवस्था में और विमान के अनियंत्रित होने की स्थिति में वह कॉकपिट से ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।'
टीना गोस्वामी के अनुसार, 'इसलिए उन्होंने दरवाज़ा खोलने की कोशिश की — ताकि कम से कम लोगों के बचने की एक संभावना बन सके। यही उनकी सबसे बड़ी प्रेजेंस ऑफ माइंड थी।'
175-180 यात्रियों की जान और एक बड़ी त्रासदी टली
टीना गोस्वामी ने इस बात पर जोर दिया कि कैप्टन मच्छार के प्रयास को केवल विमान में सवार यात्रियों की संख्या के नज़रिये से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'विमान में करीब 175 से 180 यात्रियों की जान बचने के साथ-साथ एक संभावित बड़ी त्रासदी को भी टाला गया।'
उनके अनुसार, यदि परिस्थितियाँ और बिगड़ती तो इसका असर कहीं अधिक गंभीर हो सकता था। इसलिए इस घटना को एक बड़े हादसे को रोकने की सफलता के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
व्यक्तिगत परिचय और कैप्टन मच्छार का स्वभाव
टीना गोस्वामी और कैप्टन मच्छार की पहली मुलाकात वर्ष 2022 के अंत में हुई थी। दोनों फ्लाइट डिस्पैच ऑफिस में अक्सर मिलते थे, जहाँ पायलट उड़ान से पहले ज़रूरी दस्तावेज़ और औपचारिकताएँ पूरी करते हैं।
टीना ने बताया कि कैप्टन मच्छार का व्यवहार हमेशा बेहद सम्मानजनक रहा। वह उनकी तारीफ सिर्फ इस घटना की वजह से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी उन्हें एक अच्छा इंसान मानती हैं। 'वह अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों और फर्स्ट ऑफिसर्स के साथ हमेशा आदर के साथ पेश आते थे — यह उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा था।'
टीना ने यह भी कहा कि एक पायलट की पहचान केवल उसकी फ्लाइंग स्किल से नहीं, बल्कि उसके स्वभाव और सहकर्मियों के साथ उसके व्यवहार से भी होती है। एविएशन में अनुभवी पायलट को 'फीलिंग ऑफ फ्लाइट' का एहसास होता है — यानी वह उपकरणों के अलावा अपनी अनुभूति से भी विमान के व्यवहार में आने वाले असामान्य बदलावों को भाँप सकता है।
इस घटना ने न केवल पूरे देश, बल्कि एविएशन कम्युनिटी को भी गर्व से भर दिया है। कैप्टन मच्छार ने यह साबित किया कि विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता किसी भी तकनीकी प्रशिक्षण से कहीं ऊपर होती है।