8 अक्टूबर 2026
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चंडीगढ़ नगर निगम का सैनिटरी इंस्पेक्टर ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, सीबीआई की कार्रवाई

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चंडीगढ़ नगर निगम का सैनिटरी इंस्पेक्टर ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, सीबीआई की कार्रवाई

सारांश

सीबीआई ने चंडीगढ़ नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। आरोपी ने ठेकेदार की फर्म के बिल क्लियर करने और टेंडर न रद्द कराने की एवज में कुल ₹14 लाख की माँग की थी। तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागज़ात मिले।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ने ठेकेदार की फर्म के पेंडिंग और भविष्य के बिल प्रोसेस कराने के लिए कुल ₹14 लाख की माँग की थी।
आरोपी ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि रिश्वत न देने पर बिल रोक दिए जाएँगे और टेंडर रद्द करवा दिया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के घर और कार्यालय की तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और अचल संपत्ति के कागज़ात बरामद हुए।
आरोपी को चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा; जाँच जारी है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ नगर निगम (एमसी) के एक सैनिटरी इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने एक ठेकेदार की फर्म के लंबित और भविष्य के बिल प्रोसेस कराने के एवज में कुल ₹14 लाख की अवैध माँग की थी, जिसमें से ₹5 लाख की पहली किस्त लेते समय उसे दबोचा गया।

मामले का घटनाक्रम

सीबीआई ने बताया कि आरोपी सैनिटरी इंस्पेक्टर के खिलाफ 7 अक्टूबर 2026 को औपचारिक मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने एजेंसी को बताया कि आरोपी ने उसकी फर्म के पेंडिंग बिल क्लियर करने और भविष्य के भुगतान सुनिश्चित करने के बदले ₹14 लाख की माँग रखी थी।

आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि यदि रिश्वत नहीं दी गई, तो फर्म के बिल रोक दिए जाएँगे और उसका टेंडर भी रद्द करवा दिया जाएगा। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए एजेंसी ने बुधवार को जाल बिछाया।

रंगे हाथों गिरफ्तारी

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सैनिटरी इंस्पेक्टर जैसे ही ₹5 लाख की नकद राशि ठेकेदार से ले रहा था, उसी समय टीम ने दखल देकर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। यह राशि ₹14 लाख की कुल माँगी गई रिश्वत का पहला हिस्सा थी।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी के घर और कार्यालय दोनों स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, इस तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और अचल संपत्ति से जुड़े कागज़ात बरामद हुए, जो अब जाँच का हिस्सा हैं।

बरामदगी और जाँच की स्थिति

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जाँच की जा रही है। यह देखा जाएगा कि आरोपी की संपत्ति उसकी ज्ञात आय स्रोतों से मेल खाती है या नहीं। एजेंसी इस पहलू पर अलग से जाँच कर सकती है।

गौरतलब है कि सरकारी ठेकों में बिल प्रोसेसिंग के नाम पर रिश्वतखोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। नगर निगम स्तर पर इस तरह के मामले देश के कई शहरों में सामने आते रहे हैं, जो स्थानीय शासन में पारदर्शिता की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

अदालत में पेशी

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार सैनिटरी इंस्पेक्टर को चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। जाँच एजेंसी आगे की कार्रवाई कर रही है और यह देखना होगा कि क्या इस मामले में कोई अन्य सरकारी कर्मचारी या अधिकारी भी संलिप्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सरकारी ठेकेदारों को अपने ही वैध बिल पास कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। घर की तलाशी में अचल संपत्ति के दस्तावेजों का मिलना यह सवाल उठाता है कि यह मामला कितने समय से चल रहा था और क्या इसमें कोई अन्य कड़ी भी है। सीबीआई के ट्रैप ऑपरेशन सुर्खियाँ तो बनाते हैं, लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब नगर निगम आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करे ताकि शिकायतकर्ताओं को जाल बिछाने की नौबत ही न आए।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
सीबीआई ने उन्हें ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक ठेकेदार की फर्म के पेंडिंग और भविष्य के बिल क्लियर करने के बदले कुल ₹14 लाख की अवैध माँग की थी।
सीबीआई ने यह ट्रैप कैसे लगाया?
ठेकेदार की शिकायत पर 7 अक्टूबर को मामला दर्ज कर सीबीआई ने बुधवार को जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने ₹5 लाख की पहली किस्त ली, एजेंसी के अधिकारियों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी में क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के घर और कार्यालय में तलाशी ली गई, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और अचल संपत्ति से जुड़े कागज़ात मिले। सीबीआई इन सभी सामग्रियों की जाँच कर रही है।
आरोपी ने ठेकेदार को क्या धमकी दी थी?
आरोपी ने शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकी दी थी कि यदि माँगी गई रिश्वत नहीं दी गई, तो वह फर्म के बिल रोक देगा और उसका टेंडर रद्द करवा देगा।
अब आरोपी के खिलाफ आगे क्या होगा?
गिरफ्तार सैनिटरी इंस्पेक्टर को चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई बरामद दस्तावेजों की जाँच के साथ-साथ आरोपी की संपत्ति का भी मिलान कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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