10 अक्टूबर 2026
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सीबीआई ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन के घर चिपकाया दूसरा नोटिस, मजीठिया बोले — 'फरार क्यों है?'

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सीबीआई ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन के घर चिपकाया दूसरा नोटिस, मजीठिया बोले — 'फरार क्यों है?'

सारांश

सीबीआई का दूसरा नोटिस, OSD फरार — और विपक्ष के सवाल तेज़। पंजाब में भ्रष्टाचार की यह जाँच महज एक अफ़सर की कहानी नहीं, यह पूरे प्रशासनिक तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 10 अक्टूबर 2026 को CM भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन के घड़ाचों स्थित घर पर दूसरा नोटिस चिपकाया।
राजबीर घुमन पर IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित करने के लिए अरबों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
जाँच में टेंडर शर्तें, लाइसेंसिंग, भूमि उपयोग परिवर्तन और नीति दस्तावेज़ों को अनाधिकृत रूप से साझा करने के आरोप भी शामिल हैं।
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट कर OSD के फरार होने पर सवाल उठाए।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नोटिस न मानने पर सीबीआई गिरफ्तारी वारंट तक जा सकती है।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 10 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर घुमन के घड़ाचों स्थित आवास पर दूसरा नोटिस चिपकाया। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटनाक्रम पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि राजबीर घुमन पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित करने के लिए अरबों रुपये की रिश्वत लेने का मामला दर्ज है। एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि जाँच का दायरा न केवल अधिकारियों की तैनाती तक सीमित है, बल्कि इसमें विभागीय कार्यवाहियाँ, नीति निर्माण, प्रशासनिक मंज़ूरियाँ, टेंडर शर्तें और लाइसेंसिंग मामले भी शामिल हैं।

जाँच में भूमि उपयोग परिवर्तन, संपत्ति विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताएँ भी सम्मिलित बताई जा रही हैं। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोक सेवकों ने सरकारी आदेशों और नीतियों के मसौदे आधिकारिक घोषणा से पहले ही निजी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए।

मजीठिया का तीखा हमला

बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सीबीआई ने गुरु दोखी के OSD राजबीर घुमन के घड़ाचों वाले घर पर दूसरा नोटिस चिपकाया है। नोटिस दीवार पर लगा है लेकिन OSD फरार है। सीएम भगवंत मान के करीबी सहयोगी पर अरबों रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है और वह फरार है।' उन्होंने आगे सवाल किया, 'अगर वह वास्तव में ईमानदारी में पक्का विश्वास रखता है, तो वह सीबीआई मुख्यालय में पेश क्यों नहीं होता? अगर उसने कुछ नहीं छिपाया है तो वह किस बात से डर रहा है।'

भ्रष्टाचार के आरोपों का विस्तार

गौरतलब है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं — सीबीआई की जाँच पंजाब सरकार के प्रशासनिक तंत्र के कई स्तरों को छू रही है। जाँच एजेंसी के अनुसार, वित्तीय लाभ के बदले सरकारी निर्णयों में हेरफेर एक सुनियोजित तरीके से किया गया, जिसमें नौकरशाही और निजी पक्षों के बीच गठजोड़ के संकेत मिले हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पहले से ही विभिन्न विवादों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। SAD ने मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए मुख्यमंत्री से जवाबदेही की माँग की है।

आगे क्या होगा

सीबीआई के दूसरे नोटिस के बाद अब यह देखना अहम होगा कि राजबीर घुमन जाँच एजेंसी के सामने पेश होते हैं या नहीं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नोटिस का लगातार न माना जाना एजेंसी को और कड़े कदम उठाने का अधिकार देता है, जिसमें गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हो सकता है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या आरोप अदालत में टिकेंगे। पंजाब में IAS-IPS पोस्टिंग को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप नए नहीं हैं — पिछली सरकारों पर भी ऐसे इल्ज़ाम लगते रहे हैं — लेकिन AAP ने 'ईमानदारी की राजनीति' के वादे पर सत्ता पाई थी, इसलिए इस मामले की नैतिक कीमत दूसरों की तुलना में कहीं अधिक है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने राजबीर घुमन को नोटिस क्यों दिया है?
सीबीआई ने राजबीर घुमन पर IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग प्रभावित करने के लिए रिश्वत लेने सहित भ्रष्टाचार के कई आरोपों की जाँच में पेश होने के लिए नोटिस दिया है। जाँच में टेंडर, लाइसेंसिंग और भूमि से जुड़े मामलों में वित्तीय अनियमितताएँ भी शामिल हैं।
राजबीर घुमन कौन हैं?
राजबीर घुमन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी निर्णयों में हेरफेर के बदले अरबों रुपये की रिश्वत ली।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मामले में क्या कहा?
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नोटिस दीवार पर लगा है लेकिन OSD फरार है। उन्होंने सवाल किया कि अगर घुमन ईमानदार हैं तो सीबीआई के सामने पेश क्यों नहीं होते।
सीबीआई की जाँच में कौन-से आरोप शामिल हैं?
जाँच में IAS-IPS पोस्टिंग में हेरफेर, विभागीय कार्यवाहियाँ, टेंडर शर्तों में बदलाव, लाइसेंसिंग, भूमि उपयोग परिवर्तन और सरकारी नीति दस्तावेज़ों को आधिकारिक घोषणा से पहले निजी व्यक्तियों को साझा करने के आरोप शामिल हैं।
नोटिस न मानने पर सीबीआई क्या कर सकती है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सीबीआई के नोटिस को बार-बार नज़रअंदाज़ करता है, तो एजेंसी अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेने सहित कड़े कदम उठाने की स्थिति में होती है।
राष्ट्र प्रेस
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