भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन CBI के समक्ष पेश, वकील बोले — जांच में पूरा सहयोग जारी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर घुमन 23 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। उनके अधिवक्ता जीएस घुमन ने कहा कि राजबीर जांच एजेंसी के सवालों का जवाब दे रहे हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य जांच में सहयोग करना है। यह पेशी सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों के तहत हुई, जिनमें जांच के दौरान राजबीर घुमन के साथ एक अधिवक्ता की मौजूदगी की अनुमति दी गई है।
पेशी का घटनाक्रम
अधिवक्ता जीएस घुमन के अनुसार, राजबीर घुमन को CBI की ओर से सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का नोटिस दिया गया था। वह निर्धारित समय पर लगभग 11:30 बजे एजेंसी के कार्यालय पहुँचे। वकील ने स्पष्ट किया कि इस पेशी के पीछे कोई और एजेंडा नहीं है — केवल जांच अधिकारियों के सवालों का उचित जवाब देना है।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत कुछ शर्तों के साथ राजबीर घुमन को जांच में शामिल होना था। अधिवक्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय अदालत के निर्देशों के अनुरूप कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
कानूनी टीम की व्यावहारिक कठिनाइयाँ
अधिवक्ता जीएस घुमन ने बताया कि अदालतों में अवकाश होने के कारण राजबीर घुमन की कानूनी टीम को कुछ व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस संदर्भ में लीगल टीम के भीतर विचार-विमर्श हुआ है और संबंधित अदालत में एक आवेदन दाखिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि CBI को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की जानकारी है और उम्मीद है कि इनका पालन होगा।
वकील की सार्वजनिक टिप्पणियों पर आपत्ति
अधिवक्ता ने राजबीर घुमन के मामले में हो रही सार्वजनिक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ यह नहीं कि संबंधित व्यक्ति दोषी साबित हो गया है। उनके अनुसार, जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
वकील ने इसे 'परेशान करने वाला व्यवहार' बताते हुए कहा कि जांच के नतीजे आने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राजबीर घुमन पंजाब में उच्च पद पर कार्यरत अधिकारी हैं और उनके लिए उचित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा, चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
जांच की स्थिति और आगे की राह
CBI जांच अधिकारी मामले से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं और राजबीर घुमन उनके जवाब दे रहे हैं। अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि अंदर क्या सवाल पूछे जा रहे हैं और उनके जवाब क्या हैं, इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की जाएगी क्योंकि मामला अभी जांच के अधीन है। राजबीर घुमन जांच का सामना करने को लेकर आश्वस्त बताए जा रहे हैं और उनका ध्यान पूरी तरह सहयोग पर केंद्रित है।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर विपक्षी दलों का राजनीतिक दबाव बढ़ा हुआ है। राजबीर घुमन की CBI के समक्ष अगली पेशी और अदालत में दाखिल होने वाले आवेदन की सुनवाई इस मामले की आगामी दिशा तय करेगी।