बाजवा का भगवंत मान सरकार पर हमला: सीबीआई की कार्रवाई के बाद ओएसडी राजबीर घुमन गायब, जांच से क्यों भाग रहे करीबी?
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने 8 अक्टूबर 2026 को अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला बोला, जब सीबीआई ने मान के ओएसडी राजबीर घुमन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वारंट जारी किया। बाजवा ने सवाल उठाया कि जब जांच की जद में मुख्यमंत्री के करीबी आ गए हैं, तो वे सामने आकर जांच का सामना क्यों नहीं कर रहे।
सीबीआई कार्रवाई और ओएसडी का लापता होना
बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में सीबीआई की छापेमारी और ओएसडी के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार की 'ईमानदारी' की आड़ में क्या चल रहा था। उन्होंने कहा कि जो बातें अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दूसरों के बारे में कहते रहे, अब वही स्थिति उनके अपने लोगों पर आ गई है।
बाजवा के अनुसार, राजबीर घुमन फिलहाल गायब हैं और उनसे जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में ईमानदार है, तो उसे जांच एजेंसी के सामने आकर सच्चाई स्थापित करनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
चुनाव आयोग विवाद और इंडी गठबंधन का विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर बाजवा ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव में वोट चोरी के विरुद्ध लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार तीसरे दिन इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं।
बाजवा ने यह भी आरोप लगाया कि यदि करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो यह उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) का एकमात्र राजनीतिक विकल्प कांग्रेस है।
सचिन पायलट का पंजाब दौरा और कांग्रेस का उत्साह
पूर्व आईपीएस अधिकारी और कांग्रेस नेता गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने सचिन पायलट के पंजाब दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष की वास्तविकता समझ चुकी है और धीरे-धीरे कांग्रेस की ओर लौट रही है।
कांग्रेस नेता राज कुमार वेरका ने बताया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और सचिन पायलट अमृतसर पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वर्ण मंदिर और दुर्गियाना मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद दोनों नेता चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए।
गैंगस्टर और कानून-व्यवस्था पर सवाल
ढिल्लों ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और विदेश से अपराध संचालित करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक मजबूती और जमीनी सक्रियता तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। सीबीआई की यह कार्रवाई AAP सरकार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है, क्योंकि मुख्यमंत्री के दफ्तर तक जांच पहुँचना सत्ता के भीतर की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। आने वाले हफ्तों में सीबीआई की जांच की दिशा और घुमन का सामने आना या न आना इस राजनीतिक समीकरण को तय करेगा।