भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस, 24 घंटे में माफी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अधिकारी विशेष कर्तव्य (OSD) राजवीर सिंह घुम्मन ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में घुम्मन ने मजीठिया पर सोशल मीडिया के ज़रिए अवैध ड्रग व्यापार सिंडिकेट और गैर-कानूनी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़े जाने के आरोप लगाने का खंडन किया है। 27 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ से जारी इस नोटिस में 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन माँगा गया है।
नोटिस में क्या कहा गया
कानूनी नोटिस में राजवीर सिंह घुम्मन ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी में 'असत्य, अपमानजनक और गंभीर रूप से मानहानिकारक दावे' किए हैं। नोटिस के अनुसार, 'लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार, झूठे और मनगढ़ंत हैं, जिन्हें बिना किसी दस्तावेजी या कानूनी सबूत के जारी किया गया है।'
नोटिस में स्पष्ट किया गया कि 'सुमन आर्बर ग्रुप' का किसी भी निजी नशा मुक्ति केंद्र या देश में चल रहे किसी भी कथित अवैध फार्मास्युटिकल व्यापार नेटवर्क से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
घुम्मन ने नोटिस में कहा कि इन गैर-जिम्मेदाराना बयानों के पीछे 'व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना' है। उनका आरोप है कि मजीठिया ने जानबूझकर उनकी सार्वजनिक छवि धूमिल करने, सरकार को राजनीतिक नुकसान पहुँचाने और 'राजनीतिक हिसाब-किताब बराबर करने' के लिए यह अभियान चलाया।
नोटिस के अनुसार, मजीठिया ने जानबूझकर दो दर्जन से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय मीडिया घरानों, पत्रकारों और संस्थागत सोशल मीडिया अकाउंट्स को टैग किया — ताकि ये आरोप पंजाब के हर जिले तक पहुँचें।
मानसिक पीड़ा और सामाजिक नुकसान का दावा
घुम्मन ने कहा कि इन पोस्टों के सामने आने के बाद से उन्हें 'भारी मानसिक पीड़ा, अपमान और उत्पीड़न' का सामना करना पड़ रहा है। उनके रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, मित्रों और सहकर्मियों के लगातार अनगिनत फोन कॉल आ रहे हैं, जो हैरानी और चिंता में पूछ रहे हैं कि क्या वे वास्तव में उन कथित अवैध गतिविधियों में शामिल हैं।
माँगें और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कानूनी नोटिस में कई धाराओं का हवाला देते हुए मजीठिया से 'भारी आर्थिक मुआवज़ा' देने की माँग की गई है — पंजाब भर में प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को पहुँची क्षति के बदले। घुम्मन ने चेतावनी दी है कि माँगें पूरी न होने पर आपराधिक कार्यवाही और मानहानि के लिए हर्जाने का मुकदमा दायर किया जाएगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि मजीठिया पहले भी विभिन्न मामलों में विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं। अब देखना होगा कि मजीठिया इस नोटिस का जवाब किस तरह देते हैं और क्या यह विवाद अदालत तक पहुँचता है।