27 अक्टूबर 2026
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भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस, 24 घंटे में माफी की माँग

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भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस, 24 घंटे में माफी की माँग

सारांश

पंजाब CM भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन ने शिअद नेता बिक्रम मजीठिया पर ड्रग सिंडिकेट से जोड़ने के आरोपों को निराधार बताते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। 24 घंटे में माफी और पोस्ट न हटाने पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी — AAP और अकाली दल के बीच राजनीतिक जंग का नया मोर्चा।

मुख्य बातें

राजवीर सिंह घुम्मन (OSD, CM भगवंत मान) ने बिक्रम सिंह मजीठिया को 27 अक्टूबर 2026 को कानूनी नोटिस भेजा।
घुम्मन ने मजीठिया पर अवैध ड्रग व्यापार सिंडिकेट और गैर-कानूनी गतिविधियों से जोड़ने के आरोपों को 'निराधार, झूठे और मनगढ़ंत' बताया।
नोटिस में 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी और लिखित आश्वासन की माँग की गई है।
'सुमन आर्बर ग्रुप' के किसी भी अवैध फार्मास्युटिकल नेटवर्क से संबंध होने से इनकार किया गया।
माँगें पूरी न होने पर आपराधिक कार्यवाही और भारी आर्थिक मुआवज़े का मुकदमा दायर करने की चेतावनी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अधिकारी विशेष कर्तव्य (OSD) राजवीर सिंह घुम्मन ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में घुम्मन ने मजीठिया पर सोशल मीडिया के ज़रिए अवैध ड्रग व्यापार सिंडिकेट और गैर-कानूनी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़े जाने के आरोप लगाने का खंडन किया है। 27 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ से जारी इस नोटिस में 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन माँगा गया है।

नोटिस में क्या कहा गया

कानूनी नोटिस में राजवीर सिंह घुम्मन ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी में 'असत्य, अपमानजनक और गंभीर रूप से मानहानिकारक दावे' किए हैं। नोटिस के अनुसार, 'लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार, झूठे और मनगढ़ंत हैं, जिन्हें बिना किसी दस्तावेजी या कानूनी सबूत के जारी किया गया है।'

नोटिस में स्पष्ट किया गया कि 'सुमन आर्बर ग्रुप' का किसी भी निजी नशा मुक्ति केंद्र या देश में चल रहे किसी भी कथित अवैध फार्मास्युटिकल व्यापार नेटवर्क से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

घुम्मन ने नोटिस में कहा कि इन गैर-जिम्मेदाराना बयानों के पीछे 'व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना' है। उनका आरोप है कि मजीठिया ने जानबूझकर उनकी सार्वजनिक छवि धूमिल करने, सरकार को राजनीतिक नुकसान पहुँचाने और 'राजनीतिक हिसाब-किताब बराबर करने' के लिए यह अभियान चलाया।

नोटिस के अनुसार, मजीठिया ने जानबूझकर दो दर्जन से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय मीडिया घरानों, पत्रकारों और संस्थागत सोशल मीडिया अकाउंट्स को टैग किया — ताकि ये आरोप पंजाब के हर जिले तक पहुँचें।

मानसिक पीड़ा और सामाजिक नुकसान का दावा

घुम्मन ने कहा कि इन पोस्टों के सामने आने के बाद से उन्हें 'भारी मानसिक पीड़ा, अपमान और उत्पीड़न' का सामना करना पड़ रहा है। उनके रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, मित्रों और सहकर्मियों के लगातार अनगिनत फोन कॉल आ रहे हैं, जो हैरानी और चिंता में पूछ रहे हैं कि क्या वे वास्तव में उन कथित अवैध गतिविधियों में शामिल हैं।

माँगें और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

कानूनी नोटिस में कई धाराओं का हवाला देते हुए मजीठिया से 'भारी आर्थिक मुआवज़ा' देने की माँग की गई है — पंजाब भर में प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को पहुँची क्षति के बदले। घुम्मन ने चेतावनी दी है कि माँगें पूरी न होने पर आपराधिक कार्यवाही और मानहानि के लिए हर्जाने का मुकदमा दायर किया जाएगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि मजीठिया पहले भी विभिन्न मामलों में विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं। अब देखना होगा कि मजीठिया इस नोटिस का जवाब किस तरह देते हैं और क्या यह विवाद अदालत तक पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सत्तापक्ष से जुड़े अधिकारियों पर आरोप लगाना अकाली दल की स्थापित रणनीति है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारी द्वारा इस तरह का आक्रामक कानूनी पलटवार यह संकेत देता है कि AAP सरकार अपने पदाधिकारियों की छवि पर हमलों को अब राजनीतिक रूप से बर्दाश्त करने के बजाय कानूनी मैदान में जवाब देने को तैयार है। असली सवाल यह है कि क्या यह मामला अदालत तक पहुँचेगा, या नोटिस एक राजनीतिक संदेश भर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजवीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को कानूनी नोटिस क्यों भेजा?
पंजाब CM भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन ने मजीठिया पर उन्हें अवैध ड्रग व्यापार सिंडिकेट और गैर-कानूनी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप लगाया है। घुम्मन ने इन आरोपों को 'पूरी तरह से निराधार, झूठे और मनगढ़ंत' बताते हुए 27 अक्टूबर 2026 को यह कानूनी नोटिस भेजा।
कानूनी नोटिस में क्या माँगें की गई हैं?
नोटिस में मजीठिया से 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से माफी माँगने और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन देने की माँग की गई है। माँगें पूरी न होने पर आपराधिक कार्यवाही और मानहानि के लिए भारी आर्थिक मुआवज़े का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है।
'सुमन आर्बर ग्रुप' क्या है और इसका विवाद से क्या संबंध है?
कानूनी नोटिस के अनुसार 'सुमन आर्बर ग्रुप' राजवीर सिंह घुम्मन से जुड़ा एक संस्थान है, जिसे मजीठिया ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कथित अवैध फार्मास्युटिकल नेटवर्क से जोड़ा। घुम्मन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस ग्रुप का किसी भी निजी नशा मुक्ति केंद्र या अवैध व्यापार नेटवर्क से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कोई संबंध नहीं है।
मजीठिया ने आरोप किस माध्यम से लगाए थे?
नोटिस के अनुसार, बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी में ये आरोप लगाए और दो दर्जन से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य-स्तरीय मीडिया घरानों तथा पत्रकारों को टैग किया। इससे ये आरोप पंजाब के हर जिले में फैल गए।
इस विवाद का पंजाब की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद AAP सरकार और शिरोमणि अकाली दल के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है। यदि मामला अदालत तक पहुँचा, तो यह पंजाब में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच कानूनी मोर्चे पर नई नज़ीर बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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