क्या सेलेब्स ने स्ट्रीट डॉग्स को हटाने के फैसले पर नाराजगी जताई?

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क्या सेलेब्स ने स्ट्रीट डॉग्स को हटाने के फैसले पर नाराजगी जताई?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम भेजने को लेकर सेलेब्स की नाराजगी का कारण बना है। क्या यह निर्णय सही है? जानें सेलेब्स की राय और इस विषय पर बहस।

Key Takeaways

  • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्ट्रीट डॉग्स के लिए एक नया दिशा निर्देश है।
  • सेलेब्स ने इस पर अपनी राय सोशल मीडिया पर व्यक्त की है।
  • आवारा कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता और इंसानियत का ध्यान रखना आवश्यक है।

मुंबई, 13 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया है। इस निर्णय पर कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की है।

अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "हमें एक ऐसा तरीका खोजना चाहिए, जो सुरक्षा और इंसानियत दोनों का ध्यान रख सके। आवारा कुत्तों के बारे में भी सोचना चाहिए, जो सड़कों पर रहते हैं। कुछ लोग उनसे परेशान होते हैं जबकि कुछ उन्हें प्यार देते हैं। हमें दोनों दृष्टिकोण को समझना चाहिए और एक संतुलित समाधान खोजना चाहिए।"

भोजपुरी अभिनेत्री निधि झा ने भी प्रतिक्रिया दी और लिखा, "इंसान जीत गया, लेकिन इंसानियत हार गई।"

टेलीविजन अभिनेत्री आरती सिंह ने लिखा, "कृपया ऐसा न करें। वे बोल नहीं सकते, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे बेकार हैं।"

भूमि पेडनेकर ने कहा कि ऐसे आदेश स्ट्रीट डॉग्स से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं करते। यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं। हमें उनकी देखभाल के लिए उचित उपाय करने चाहिए।

एक्टर जॉन अब्राहम ने सीजेआई बीआर गवई को पत्र लिखकर इस निर्देश की समीक्षा की मांग की। उन्होंने लिखा, "ये कुत्ते आवारा नहीं हैं, बल्कि हमारे समाज का हिस्सा हैं।"

Point of View

NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग्स के लिए क्या आदेश दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम भेजने का निर्देश दिया है।
सेलेब्स ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए अपने विचार साझा किए हैं।
क्या जॉन अब्राहम ने इस मुद्दे पर कोई पत्र लिखा?
हां, जॉन अब्राहम ने सीजेआई को पत्र लिखकर इस निर्देश की समीक्षा की मांग की।
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