क्या कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा को गोली लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है?
सारांश
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पटना, १७ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने गुरुवार को पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा को गोली लगने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हर अस्पताल की अपनी सुरक्षा व्यवस्था होती है।
डिप्टी सीएम ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में आश्वस्त किया कि इस घटना की जांच की जाएगी और इसमें संलिप्त बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारी सरकार इस मानसिकता को कुचलने के लिए हर कठोर निर्णय लेगी।
गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में भर्ती चंदन मिश्रा को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया। हत्या के मामले में सजा काट रहे चंदन मिश्रा की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही विरोधी गुट ने उस पर गोली चला दी। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है।
पटना एसएसपी ने बताया कि बक्सर का कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा कई हत्याओं के मामले में आरोपी था और एक केस में उसे सजा भी मिल चुकी थी। वह बहुत खतरनाक अपराधी है। इसी वजह से कुछ दिन पहले उसे बक्सर से भागलपुर जेल भेजा गया था। इस दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इससे अलग, धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी मिलने के कदम का डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह योजना 2025-26 से छह वर्षों के लिए 100 चयनित जिलों में लागू होगी, जिसमें बिहार के जिले भी शामिल होंगे। योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहन देना है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत पंचायत और प्रखंड स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और किसानों को अल्पकालिक व दीर्घकालिक ऋण आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज बिहार दौरे पर हैं। वे इस योजना के तहत जैव उत्प्रेरकों और नैनो उर्वरकों की अनियमित बिक्री पर रोक लगाने की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस योजना को किसानों की आय दोगुनी करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला बताया और कहा, "यह योजना नीति आयोग के आकांक्षा जिला कार्यक्रम से प्रेरित है और बिहार में भी इसे पूरी ताकत से लागू किया जाएगा।"