चंडीगढ़ से पुणे और बेंगलुरु के लिए 1 जून से नई सीधी उड़ानें, एयर इंडिया एक्सप्रेस का समर शेड्यूल
सारांश
मुख्य बातें
शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चंडीगढ़ से 1 जून 2025 से पुणे और बेंगलुरु के लिए नई सीधी उड़ान सेवाएँ शुरू होने जा रही हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस इन दोनों मार्गों पर समर शेड्यूल के तहत दैनिक नॉन-स्टॉप उड़ानें संचालित करेगी, जिनकी बुकिंग पहले ही प्रारंभ हो चुकी है।
चंडीगढ़–पुणे नई उड़ान का विवरण
एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई दैनिक उड़ान चंडीगढ़ से रात 12:45 बजे रवाना होगी और रात 3:10 बजे पुणे पहुँचेगी। वापसी में यह विमान पुणे से रात 3:45 बजे उड़ान भरकर सुबह 6:05 बजे चंडीगढ़ लौटेगा।
उल्लेखनीय है कि यह समर शेड्यूल के अंतर्गत शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आधी रात के बाद संचालित होने वाली पहली नियमित उड़ान होगी। वर्तमान में इस मार्ग पर केवल इंडिगो की एक उड़ान रात 10:50 बजे चंडीगढ़ से रवाना होकर रात 1:10 बजे पुणे पहुँचती है। नई सेवा शुरू होने के बाद चंडीगढ़–पुणे रूट पर दैनिक उड़ानों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी।
चंडीगढ़–बेंगलुरु नई उड़ान का विवरण
एयर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु उड़ान चंडीगढ़ से सुबह 6:40 बजे रवाना होकर सुबह 9:55 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर उतरेगी। वापसी में यह विमान बेंगलुरु से रात 9:15 बजे उड़ान भरकर रात 12:15 बजे चंडीगढ़ पहुँचेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस नई सेवा के शुरू होने के बाद चंडीगढ़ और बेंगलुरु के बीच कुल पाँच नॉन-स्टॉप उड़ानें उपलब्ध हो जाएँगी। यह विस्तार दोनों शहरों के बीच यात्रियों की बढ़ती माँग को देखते हुए किया जा रहा है।
यात्रियों और व्यापार पर असर
विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इन नई उड़ानों से यात्रियों को समय की बचत होगी और व्यापारिक तथा शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत और दक्षिण भारत के प्रमुख आईटी एवं औद्योगिक केंद्रों के बीच हवाई यात्रा की माँग लगातार बढ़ रही है।
गौरतलब है कि बेंगलुरु और पुणे दोनों ही प्रमुख आईटी और विनिर्माण हब हैं, जहाँ पंजाब और हरियाणा के बड़ी संख्या में पेशेवर कार्यरत हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से इन कामगारों की घर-वापसी और व्यावसायिक यात्राएँ अधिक सुगम होंगी।
एयरपोर्ट की बढ़ती क्षमता
नई उड़ानों के शुरू होने से शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और रणनीतिक महत्व में भी वृद्धि होगी। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और अधिक एयरलाइनों को इस हवाई अड्डे की ओर आकर्षित कर सकता है।