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PM मोदी ने ऑकलैंड में की तारीफ: रचिन, सोढ़ी, पटेल और मेजर ध्यानचंद को न्यूजीलैंड ने दिया सम्मान

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PM मोदी ने ऑकलैंड में की तारीफ: रचिन, सोढ़ी, पटेल और मेजर ध्यानचंद को न्यूजीलैंड ने दिया सम्मान

सारांश

ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने न्यूजीलैंड को 'दिलदार देश' कहा और रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी, एजाज पटेल जैसे भारतीय मूल के क्रिकेटरों तथा मेजर ध्यानचंद की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख किया। रग्बी कोचिंग और स्पोर्ट्स स्टार्टअप सहयोग के साथ दोनों देशों के खेल संबंधों को नई दिशा मिलती दिख रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई 2025 को ऑकलैंड में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया और न्यूजीलैंड को 'दिलदार देश' बताया।
भारतीय मूल के न्यूजीलैंड क्रिकेटरों — रचिन रवींद्र , ईश सोढ़ी और एजाज पटेल — का नाम लेकर मोदी ने न्यूजीलैंड की प्रतिभा-सम्मान की संस्कृति की सराहना की।
मोदी ने मेजर ध्यानचंद की लगभग 100 साल पहले की न्यूजीलैंड हॉकी यात्रा का स्मरण किया।
ऑल ब्लैक्स की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने रग्बी में न्यूजीलैंड से कोचिंग सहयोग का आह्वान किया; भुवनेश्वर कोचिंग प्रोग्राम को सकारात्मक शुरुआत बताया।
न्यूजीलैंड के स्पोर्ट्स स्टार्टअप इवेंट में भाग लेने के बाद मोदी ने खेल तकनीक में द्विपक्षीय सहयोग की संभावना जताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान 11 जुलाई 2025 को ऑकलैंड में भारतीय मूल के प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए न्यूजीलैंड को एक 'दिलदार देश' बताया — ऐसा देश जो दूसरे राष्ट्रों की प्रतिभाओं को भी सम्मान और अवसर देता है। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेल साझेदारी की असीम संभावनाओं पर विशेष जोर दिया।

भारतीय मूल के क्रिकेटरों का किया उल्लेख

मोदी ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के तीन खिलाड़ियों — रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल — का नाम लेकर न्यूजीलैंड की उदारता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह देश प्रतिभाओं का सम्मान करता है, चाहे वे किसी भी मूल के हों। गौरतलब है कि रवींद्र, सोढ़ी और पटेल तीनों इस समय न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के किसी-न-किसी प्रारूप का अभिन्न हिस्सा हैं।

मेजर ध्यानचंद की ऐतिहासिक यात्रा का स्मरण

प्रधानमंत्री ने इतिहास की एक अविस्मरणीय झलक साझा करते हुए कहा कि लगभग 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर आई थी। उस दौरे पर मेजर ध्यानचंद के प्रदर्शन की चर्चा हर तरफ हुई थी और उनकी हॉकी ने न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। यह उल्लेख इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के बीच खेल के माध्यम से संबंध कितने पुराने और गहरे हैं।

रग्बी और खेल तकनीक में साझेदारी का आह्वान

मोदी ने कहा, 'मुझे अभी पता चला है कि ऑल ब्लैक्स ने रग्बी के मैच में शानदार जीत दर्ज की है। भारत न्यूजीलैंड से रग्बी सीखना चाहता है। भारत को रग्बी में आगे आने के लिए विशेषज्ञ चाहिए, कोच चाहिए। न्यूजीलैंड इसमें हमारी मदद कर सकता है।' उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग प्रोग्राम को एक सकारात्मक शुरुआत बताया।

स्पोर्ट्स स्टार्टअप इवेंट से प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने बताया कि ऑकलैंड पहुँचने से पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के एक स्पोर्ट्स स्टार्टअप इवेंट में भाग लिया, जहाँ नवाचार और नए विचारों ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने कहा, 'हम खेल तकनीक में साथ मिलकर काफी कुछ कर सकते हैं।' यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच केवल खिलाड़ियों के आदान-प्रदान से आगे बढ़कर खेल-तकनीक के क्षेत्र में गहरे सहयोग की संभावना को इंगित करती है।

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं। मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच न केवल राजनयिक, बल्कि सांस्कृतिक और खेल संबंधों को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रवासी भारतीय समुदाय को दिया गया यह संबोधन इस बात की पुष्टि करता है कि भारत अपने विदेश में बसे नागरिकों को कूटनीतिक सेतु के रूप में देखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित कूटनीतिक संदेश था — भारतीय प्रवासी समुदाय को 'सॉफ्ट पावर' के दूत के रूप में स्थापित करना। रचिन, सोढ़ी और पटेल का उल्लेख यह भी दर्शाता है कि भारत अब उन खिलाड़ियों को भी अपनी विरासत का हिस्सा मानता है जो दूसरे देशों के लिए खेलते हैं — यह पहले की तुलना में एक परिपक्व और समावेशी राष्ट्रीय पहचान की ओर संकेत है। रग्बी में सहयोग की माँग महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि भुवनेश्वर जैसे कोचिंग कार्यक्रम संस्थागत रूप लेते हैं या केवल राजनयिक दौरों की शोभा बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने ऑकलैंड में किन भारतीय मूल के क्रिकेटरों का नाम लिया?
PM मोदी ने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के तीन खिलाड़ियों — रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल — का नाम लिया। तीनों इस समय न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के किसी-न-किसी प्रारूप का हिस्सा हैं।
मोदी ने मेजर ध्यानचंद का न्यूजीलैंड से क्या संबंध बताया?
मोदी ने बताया कि लगभग 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई थी और उस दौरान मेजर ध्यानचंद के प्रदर्शन की हर तरफ चर्चा हुई थी। उनकी हॉकी ने न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था।
मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सहयोग के बारे में क्या कहा?
मोदी ने कहा कि भारत न्यूजीलैंड से रग्बी सीखना चाहता है और इसके लिए विशेषज्ञ व कोच की जरूरत है। उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग प्रोग्राम को एक अच्छी शुरुआत बताया।
मोदी ने न्यूजीलैंड के स्पोर्ट्स स्टार्टअप इवेंट के बारे में क्या कहा?
मोदी ने बताया कि ऑकलैंड आने से पहले उन्होंने एक स्पोर्ट्स स्टार्टअप इवेंट में हिस्सा लिया, जहाँ नवाचार और नए विचारों ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश खेल तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काफी कुछ कर सकते हैं।
PM मोदी ने न्यूजीलैंड को 'दिलदार देश' क्यों कहा?
मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड एक ऐसा देश है जो दूसरे राष्ट्रों की प्रतिभाओं को भी सम्मान और अवसर देता है। भारतीय मूल के क्रिकेटरों की सफलता और मेजर ध्यानचंद की ऐतिहासिक विरासत को इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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