11 जुलाई 2026
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ऑकलैंड में कथक और हाका का ऐतिहासिक संगम, PM मोदी के सम्मान में माओरी-भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुति

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ऑकलैंड में कथक और हाका का ऐतिहासिक संगम, PM मोदी के सम्मान में माओरी-भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुति

सारांश

ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में PM मोदी का माओरी 'पोविरी' परंपरा से स्वागत हुआ और गाला लंच में कथक व हाका नृत्य की अनूठी जुगलबंदी ने सांस्कृतिक कूटनीति की नई मिसाल पेश की। 'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम में जब PM ने माओरी भाषा में अभिवादन किया, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में 11 जुलाई को ऑकलैंड में गाला लंच आयोजित हुआ, जिसमें कथक और हाका नृत्य की संयुक्त प्रस्तुति दी गई।
ऑकलैंड गवर्नमेंट हाउस में पारंपरिक माओरी 'पोविरी' समारोह के साथ PM मोदी का औपचारिक स्वागत और 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।
माओरी परंपरा के तहत PM मोदी ने भूमि पर रखा शांति का टोकन पूरे सम्मान के साथ उठाया।
भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित 'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम में PM के माओरी अभिवादन पर सभागार तालियों से गूंजा।
यह आयोजन भारत-न्यूजीलैंड के मज़बूत होते द्विपक्षीय सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों का प्रतीक बना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में ऑकलैंड में आयोजित गाला लंच के दौरान 11 जुलाई को भारत के शास्त्रीय कथक नृत्य और न्यूजीलैंड की मूल माओरी जनजाति के पारंपरिक हाका नृत्य की संयुक्त प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दो भिन्न सभ्यताओं की यह सांस्कृतिक जुगलबंदी भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंधों की गहराती मित्रता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी।

माओरी परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया, जिसमें उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी प्रदान किया गया। माओरी स्वागत समारोह 'पोविरी' के अंतर्गत माओरी योद्धा पारंपरिक हथियारों के साथ अतिथि के समक्ष आए और भूमि पर एक टोकन रखा। माओरी परंपरा के अनुसार यदि अतिथि उस टोकन को उठा लेता है, तो यह उसके शांतिदूत होने का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे सम्मान के साथ इस परंपरा का पालन करते हुए टोकन उठाया।

हाका और कथक — दो संस्कृतियों का अनूठा मिलन

न्यूजीलैंड की मूल जनजाति माओरी का पारंपरिक हाका नृत्य अपनी ऊर्जा, शक्ति और जोशीली अभिव्यक्ति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। वहीं, भारतीय शास्त्रीय परंपरा का कथक नृत्य अपनी लय, भाव-भंगिमा और सौंदर्यशास्त्र के लिए जाना जाता है। गाला लंच में इन दोनों नृत्य शैलियों की एक साथ प्रस्तुति ने सांस्कृतिक कूटनीति का एक दुर्लभ दृश्य उपस्थित किया।

'किया ओरा मोदी' — माओरी भाषा में स्वागत

भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का नाम 'किया ओरा मोदी' रखा गया, जो माओरी भाषा से लिया गया है। इस शब्द के अनेक सकारात्मक अर्थ हैं — इसे 'हेलो', 'हाय' या 'बाय' की तरह प्रयोग किया जाता है और यह अब न्यूजीलैंड की अंग्रेज़ी का भी एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए 'किआ ओरा' कहा, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर असर

यह सांस्कृतिक आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दोनों देश अपनी कूटनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानते हैं। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भिन्न सभ्यताएँ परस्पर सम्मान और संवाद के माध्यम से एक-दूसरे के करीब आ सकती हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच राजनयिक और व्यापारिक संवाद और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रशांत क्षेत्र में नई साझेदारियाँ बनाने की कोशिश का हिस्सा है। हाका और कथक का एक मंच पर आना प्रतीकात्मक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह सांस्कृतिक उष्मा व्यापार, प्रवासी अधिकारों और रणनीतिक सहयोग के ठोस समझौतों में कितनी तब्दील होती है। भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच न्यूजीलैंड जैसे देशों से संबंध मज़बूत करना भारत की व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑकलैंड में PM मोदी के सम्मान में कौन-सा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ?
11 जुलाई को ऑकलैंड में PM मोदी के सम्मान में एक गाला लंच आयोजित किया गया, जिसमें भारत के शास्त्रीय कथक नृत्य और न्यूजीलैंड की माओरी जनजाति के पारंपरिक हाका नृत्य की संयुक्त प्रस्तुति दी गई। यह आयोजन भारत-न्यूजीलैंड सांस्कृतिक संबंधों की एक यादगार अभिव्यक्ति बना।
माओरी 'पोविरी' समारोह क्या होता है और PM मोदी ने इसमें कैसे भाग लिया?
पोविरी न्यूजीलैंड की माओरी जनजाति का पारंपरिक स्वागत समारोह है, जिसमें माओरी योद्धा पारंपरिक हथियारों के साथ अतिथि के समक्ष आते हैं और भूमि पर एक टोकन रखते हैं। यदि अतिथि उसे उठाता है, तो इसे शांति का संदेश माना जाता है — PM मोदी ने पूरे सम्मान के साथ यह परंपरा निभाई।
'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम का क्या अर्थ है?
'किया ओरा' माओरी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ 'हेलो', 'हाय' या 'बाय' की तरह अभिवादन से है और यह अब न्यूजीलैंड की अंग्रेज़ी का भी अभिन्न हिस्सा बन चुका है। भारतीय समुदाय ने PM मोदी के स्वागत में इसी नाम से कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें PM के माओरी अभिवादन पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
हाका नृत्य और कथक नृत्य में क्या अंतर है?
हाका न्यूजीलैंड की माओरी जनजाति का पारंपरिक नृत्य है, जो अपनी ऊर्जा, शक्ति और जोशीली प्रस्तुति के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कथक भारत का शास्त्रीय नृत्य है, जो लय, भाव-भंगिमा और सौंदर्यशास्त्र पर आधारित है — दोनों का एक मंच पर प्रदर्शन सांस्कृतिक विविधता का अनूठा उदाहरण बना।
PM मोदी की ऑकलैंड यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने का अवसर है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान को कूटनीतिक साझेदारी का मज़बूत आधार माना जा रहा है। गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत और 'गार्ड ऑफ ऑनर' इस संबंध की गहराई को दर्शाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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