चांदिवली विधानसभा में ईवीएम निरीक्षण पर महाराष्ट्र सीईओ का स्पष्टीकरण, नसीम खान के दावे को किया खारिज

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चांदिवली विधानसभा में ईवीएम निरीक्षण पर महाराष्ट्र सीईओ का स्पष्टीकरण, नसीम खान के दावे को किया खारिज

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम जांच पर स्पष्टीकरण दिया है। पूर्व मंत्री नसीम खान के दावे को गलत ठहराया गया। जानिए इस मुद्दे की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ईवीएम निरीक्षण के लिए प्रक्रिया पहले से निर्धारित थी।
  • नसीम खान का दावा गलत ठहराया गया।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2026 में ईवीएम जांच की अनुमति दी।
  • सत्यापन के लिए आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट है।
  • अदालत की अनुमति आवश्यक है।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने शुक्रवार को मुंबई उपनगरीय जिले के चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के निरीक्षण से संबंधित रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।

यह स्पष्टीकरण कांग्रेस के पूर्व मंत्री नसीम खान के दावों के मद्देनजर आया है। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार किसी अदालत ने चांदिवली में ईवीएम की जांच और निरीक्षण की अनुमति दी है, जहां वे 2024 का विधानसभा चुनाव हार गए थे।

सीईओ के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी रिपोर्टें, जिनमें यह सुझाव दिया गया था कि महाराष्ट्र में यह अपनी तरह का पहला सत्यापन था, तथ्यात्मक रूप से गलत थीं। उन्होंने बताया कि फरवरी और अगस्त 2025 के बीच राज्य भर में 17 उम्मीदवारों के लिए इसी तरह की सत्यापन प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी थीं।

कार्यालय ने कहा कि न्यायिक आदेशों के अनुसार, 16 अप्रैल, 2026 को 168-चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में 20 ईवीएम का सत्यापन-'डायग्नोस्टिक चेक' का उपयोग करके किया जाएगा।

विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, भारत निर्वाचन आयोग ने 2024 और 2025 में दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें चुनाव में दूसरा या तीसरा स्थान पाने वाले उम्मीदवारों को ईवीएम सत्यापन का अनुरोध करने की अनुमति दी गई।

औपचारिक आवेदन जमा करने और निर्धारित शुल्क का भुगतान करने पर, यह प्रक्रिया किसी निर्वाचन क्षेत्र में उपयोग की गई कुल ईवीएम में से 5 प्रतिशत तक का सत्यापन करने की अनुमति देती है, जो या तो 'मॉक पोल' या 'डायग्नोस्टिक चेक' के माध्यम से किया जाता है।

2024 के महाराष्ट्र लोकसभा और विधानसभा चुनावों के संदर्भ में, 17 उम्मीदवारों ने ऐसे सत्यापन के लिए आवेदन किया था, जो बाद में फरवरी और अगस्त 2025 के बीच उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पूरा किया गया।

विज्ञप्ति में यह भी जोड़ा गया कि नसीम खान ने आवश्यक शुल्क का भुगतान करने के बाद नवंबर 2024 में सत्यापन के लिए एक आवेदन जमा किया था। हालांकि, उस समय हाई कोर्ट में उनके द्वारा दायर एक चुनाव याचिका लंबित थी, इसलिए सत्यापन तुरंत नहीं किया जा सका, क्योंकि ऐसे मामलों में अदालत की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।

सीईओ ने बताया कि उनके अनुरोध के बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फरवरी 2026 में चांदिवली निर्वाचन क्षेत्र में 2024 के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम के सत्यापन की अनुमति दे दी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीईओ द्वारा दी गई जानकारी से यह इंगित होता है कि चुनावी मशीनों के सत्यापन की प्रक्रिया पहले से ही निर्धारित थी और इसके आधार पर किसी भी दावे को खारिज किया जा सकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

चांदिवली में ईवीएम की जांच कब होगी?
ईवीएम की जांच 16 अप्रैल, 2026 को की जाएगी।
नसीम खान ने क्या दावा किया था?
उन्होंने कहा था कि चांदिवली में ईवीएम की जांच की अनुमति देने वाला यह पहला मामला है।
सीईओ के कार्यालय ने क्या स्पष्टीकरण दिया?
सीईओ के कार्यालय ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
सत्यापन के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
आवेदन जमा करने और शुल्क का भुगतान करने पर सत्यापन किया जा सकता है।
क्या ईवीएम के सत्यापन के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक है?
हाँ, चुनाव याचिका के मामलों में अदालत की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।
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