पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांजिट बेल के रोक को हटाने की की अपील
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नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने अपनी गिरफ्तारी की संभावनाओं के चलते गुरुवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट बेल पर लगी रोक को हटाने के लिए याचिका दायर की है।
बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल पर रोक लगा दी थी। इस निर्णय के बाद उनकी गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है। इसी संदर्भ में पवन खेड़ा ने उच्चतम न्यायालय से राहत की गुहार लगाई है और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को ही पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया था और उनसे तीन हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा था। लेकिन अब खेड़ा ने उस आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत पर रोक लगाई गई थी।
यह भी उल्लेखनीय है कि पवन खेड़ा के खिलाफ असम में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक आरोप लगाने के कारण दर्ज की गई है। इसी मामले से बचने के लिए उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट में ट्रांजिट बेल की याचिका दायर की थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। इसके कारण असम में खेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट में ट्रांजिट अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें कुछ राहत दी थी। हालांकि, इस पर असम सरकार ने आपत्ति जताई और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट के निर्णय पर रोक लगा दी।