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तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा

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तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा

सारांश

तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा, जिसमें उन्होंने असम पुलिस द्वारा दर्ज मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी थी। यह मामला रिंकी भुइयां के खिलाफ मानहानिकारक आरोपों से जुड़ा है।

मुख्य बातें

तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा।
ख़ुद को राजनीतिक बदले की कार्रवाई का शिकार बताने वाले पवन खेड़ा ने जमानत मांगी।
असम पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह मामला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़ा है।
पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया और रणनीति पर नजरें बनी रहेंगी।

हैदराबाद, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा, जिसमें उन्होंने असम पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। यह मामला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए जाने के लिए दर्ज किया गया था।

खेड़ा ने असम की अदालतों में जाने के लिए ट्रांजिट अग्रिम जमानत मांगी है।

जस्टिस के सुजाना ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रखा। आदेश शुक्रवार को सुनाए जाने की संभावना है।

खेड़ा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में राजनीतिक बदले की बू आती है।

असम पुलिस की ओर से पेश होते हुए असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में अग्रिम जमानत याचिका की स्वीकार्यता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के निवासी खेड़ा ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया है कि वे असम में याचिका क्यों दायर नहीं कर सकते।

असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के कथित मामलों में केस दर्ज किया है। उन पर यह केस तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।

असम पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पहुंची थी। हालांकि, उस समय खेड़ा वहां उपस्थित नहीं थे। पुलिस ने पवन खेड़ा के घर के बाहर बैरिकेड लगाए और हैदराबाद में उनकी पत्नी नीलिमा के घर के बाहर भी सुरक्षा तैनात की।

मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी पर सनसनीखेज आरोप लगाने के बाद से ही यह कांग्रेस नेता असम पुलिस की नजर में हैं। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की 14 धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया गया है, जिनमें मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल हैं।

यह विवाद रविवार को पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट, दुबई में अघोषित आलीशान संपत्तियां हैं और अमेरिका में शेल कंपनियां भी हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से पवन खेड़ा लापता हैं। बुधवार को उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपनी ताकत दिखाने और पुलिस के पीछे छिपने के बजाय अपने और अपनी पत्नी पर लगे गंभीर आरोपों का जवाब दें। एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि वह ऐसी चालों से डरने वाले नहीं हैं और सवाल पूछते रहेंगे।

कांग्रेस ने अपने एक्स अकाउंट पर पवन खेड़ा का वीडियो बयान शेयर किया, जो कथित तौर पर किसी अज्ञात जगह से रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो में वह असम के मुख्यमंत्री से कहते हैं, "गंभीर आरोपों पर सफाई देने के बजाय, आपने अपनी पुलिस को पीछे लगा दिया है। लेकिन, हम, राहुल गांधी के सिपाही, डरने वाले नहीं हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक राजनीतिक विवाद के केंद्र में है। कोर्ट की कार्रवाई का प्रभाव न केवल पवन खेड़ा पर, बल्कि असम की राजनीतिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन खेड़ा किस मामले में जमानत मांग रहे हैं?
पवन खेड़ा असम पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मानहानि और अन्य गंभीर आरोपों में जमानत की मांग कर रहे हैं।
तेलंगाना हाई कोर्ट ने कब तक फैसला सुरक्षित रखा?
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 9 अप्रैल को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं।
पवन खेड़ा का वीडियो बयान किस पर है?
पवन खेड़ा का वीडियो बयान असम के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी पर आरोपों से संबंधित है।
इस मामले का राजनीतिक प्रभाव क्या हो सकता है?
यह मामला असम की राजनीतिक स्थितियों को प्रभावित कर सकता है, खासकर कांग्रेस पार्टी के लिए।
राष्ट्र प्रेस
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