पवन खेड़ा को पासपोर्ट विवाद में मिली एक सप्ताह की अंतरिम जमानत, क्या हैं अगली चुनौतियाँ?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को पिछले चार दिनों से जारी कानूनी समस्या के बीच एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने उन्हें एक सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की है।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि नियमित जमानत के लिए उन्हें निर्धारित समय के भीतर सक्षम अदालत का रुख करना होगा। यह आदेश उस समय आया है जब खेड़ा 7 अप्रैल से जांच एजेंसियों की नजरों से गायब बताए जा रहे थे।
असल में, असम पुलिस, दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर खेड़ा से पूछताछ करने उनके आवास पर पहुंची थी, लेकिन वे वहां उपलब्ध नहीं मिले। यह कार्रवाई उस मामले में की जा रही थी जिसमें खेड़ा ने हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।
इस बीच, खेड़ा ने अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय में अर्जी दी थी। उन्होंने अदालत में अपना आवासीय पता हैदराबाद बताया और गिरफ्तारी की स्थिति में राहत की मांग की। यह भी बताया जा रहा है कि उनका तेलंगाना से पारिवारिक संबंध है और हैदराबाद में उनका निजी निवास भी है। इसके साथ ही, राज्य में कांग्रेस की सरकार होने को भी इस कदम से जोड़ा जा रहा है।
यह मामला तब तूल पकड़ा जब खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी सरमा पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा का कहना था कि रिनिकी सरमा के पास तीन विभिन्न देशों के पासपोर्ट हैं और उनके समर्थकों के पास ऐसे दस्तावेज हैं जो इस कथित खुलासे को प्रमाणित करते हैं। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत की राजनीति में एक बड़ा मामला बताया।
हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए उन्हें निराधार, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि खेड़ा जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले सरमा ने यह भी कहा था कि जो व्यक्ति पहले गिरफ्तारी की चुनौती दे रहा था, वही अब जांच से बचने के लिए हैदराबाद चला गया है।
इस दौरान सीएम हिमंता ने कहा था कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों तरह के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे।