चंद्रबाबू नायडू 10 जून को दिल्ली में एनडीए बैठक में शामिल होंगे, नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में भी भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 10 जून को नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की बैठक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, यह दो दिवसीय दौरा होगा, जिसमें वे NDA बैठक के अलावा नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी शिरकत करेंगे।
दौरे का कार्यक्रम
CMO के अनुसार, नायडू सुबह 11:30 बजे गन्नवरम हवाई अड्डे से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 10 जून को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक भारत मंडपम में NDA गठबंधन सहयोगियों की बैठक आयोजित होनी है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नायडू इस बैठक में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
नीति आयोग की बैठक में भागीदारी
नायडू 11 जून को राष्ट्रपति भवन में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक सुबह 9:15 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। बैठक के बाद वे उसी दिन रात करीब 9 बजे अमरावती लौटेंगे।
बैठक का महत्व और एजेंडा
यह NDA बैठक गठबंधन सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। बैठक में सरकार की उपलब्धियों की समीक्षा, भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं और गठबंधन की आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। NDA के सभी प्रमुख सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता इसमें भाग लेंगे। उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण के भी बैठक में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने और असम में सत्ता बरकरार रहने के बाद NDA की यह पहली बड़ी बैठक होगी। गौरतलब है कि अगले वर्ष कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जो इस बैठक को रणनीतिक रूप से और अहम बनाता है। यह बैठक विपक्षी INDIA गठबंधन की उस बैठक के ठीक बाद हो रही है, जिसमें विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को चुनावी, शैक्षिक और आर्थिक मुद्दों पर सहमति बनाई थी।
आगे की राह
इस दो दिवसीय दौरे के ज़रिए नायडू केंद्र सरकार के साथ आंध्र प्रदेश के विकास एजेंडे को भी आगे बढ़ाने का अवसर पा सकते हैं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में राज्यों की प्राथमिकताओं पर चर्चा होना तय है, जिससे अमरावती पुनर्निर्माण सहित आंध्र प्रदेश की विकास योजनाओं को केंद्रीय समर्थन मिलने की उम्मीद है।