प्यू रिसर्च: 27% अमेरिकी अब चीन के प्रति सकारात्मक, 2023 से दोगुनी हुई संख्या
सारांश
मुख्य बातें
प्यू रिसर्च सेंटर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 27 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक अब चीन के बारे में सकारात्मक राय रखते हैं — यह आँकड़ा वर्ष 2023 की तुलना में दोगुना है और पिछले वर्ष जून की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के संदर्भ में जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश अमेरिकी अभी भी चीन को एक प्रतिस्पर्धी देश मानते हैं, परंतु सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष
रिपोर्ट के अनुसार, सकारात्मक राय में यह बढ़ोतरी मुख्यतः डेमोक्रेट्स और डेमोक्रेटिक झुकाव वाले स्वतंत्र मतदाताओं के बीच देखी गई है। इसके विपरीत, रिपब्लिकन और रिपब्लिकन की ओर झुकाव रखने वाले स्वतंत्र मतदाताओं के बीच चीन को लेकर राय में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आया है।
युवा और वृद्ध अमेरिकियों में अंतर
50 वर्ष से कम आयु के अमेरिकी वयस्कों में से 34 प्रतिशत चीन के बारे में अच्छी राय रखते हैं, जबकि केवल 20 प्रतिशत चीन को 'दुश्मन' मानते हैं। वहीं, 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के अमेरिकियों में यह तस्वीर उलटी है — मात्र 19 प्रतिशत की सकारात्मक राय है, जबकि 38 प्रतिशत चीन को 'दुश्मन' की श्रेणी में रखते हैं। यह पीढ़ीगत अंतर अमेरिकी समाज में चीन-नीति को लेकर गहरे विभाजन को दर्शाता है।
राजनीतिक माहौल और मीडिया की भूमिका
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में अमेरिकी राजनीतिक विमर्श में 'चीन से खतरे' की अवधारणा को बार-बार उठाया गया है। आलोचकों का कहना है कि इस एकांगी कवरेज के कारण अनेक अमेरिकी नागरिकों को चीन की संतुलित समझ नहीं मिल पाई है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और कूटनीतिक संपर्क दोनों एक साथ चल रहे हैं।
आगे क्या
प्यू रिसर्च के ये आँकड़े संकेत देते हैं कि अमेरिकी जनमत में चीन को लेकर धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, विशेषकर युवा पीढ़ी में। राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा के कूटनीतिक प्रभाव और आगामी अमेरिकी घरेलू राजनीति पर इस बदलते जनमत का असर देखना अभी बाकी है।