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क्या चेन्नई में बारिश के बाद राहत कार्यों में तेजी आई है?

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क्या चेन्नई में बारिश के बाद राहत कार्यों में तेजी आई है?

सारांश

चेन्नई में बारिश के कारण प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। जानिए कैसे राहत टीमें दिन-रात काम कर रही हैं, और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के निर्देश पर राहत कार्यों में तेजी।
22 सबवे टनल से बारिश का पानी निकाल दिया गया।
राहत शिविरों में भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जलनिकासी के लिए 1,436 पंपों का उपयोग।
आपात स्थिति के लिए 299 ड्रेजिंग मशीनें तैनात हैं।

चेन्नई, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चेन्नई में हो रही लगातार बारिश के दौरान, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के निर्देश पर प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। चेन्नई कॉरपोरेशन की टीमें दिन-रात सक्रिय हैं ताकि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो और यातायात सुचारू बना रहे।

अधिकारियों के अनुसार, शहर के 22 सबवे टनल से बारिश का पानी पूरी तरह निकाल लिया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई है। इसके लिए 1,436 मोटर पंप लगाए गए हैं जो जलभराव को रोकने में मदद कर रहे हैं।

साथ ही, राहत कार्यों के लिए अन्य जिलों से बड़ी संख्या में उपकरण मंगवाए गए हैं। 299 ड्रेजिंग मशीनें, 73 सीवर सक्शन वाहन और 298 जेटिंग वाहन किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार किए गए हैं।

बारिश से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन ने भोजन वितरण की विशेष व्यवस्था की है। पिछले 24 घंटे में लगभग 3,97,900 लोगों को खाने का प्रबंध किया गया।

22 अक्टूबर को 68 रसोईघरों से 1,48,450 लोगों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, 76 रसोईघरों से 2,20,950 लोगों के लिए दोपहर के भोजन की तैयारी की गई थी। 15 रसोईघरों से 27,000 लोगों के लिए रात का खाना वितरित किया गया।

इन रसोईघरों के अलावा, कई राहत शिविरों में भी लोगों को भोजन और पीने का पानी लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।

चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि बारिश के बीच लोगों को पीने के पानी की कोई कमी न हो। बोर्ड ने 454 टैंकरों के जरिए शहर में पानी की सप्लाई की है।

इसके अतिरिक्त, 106 रसोईघरों और 215 बाढ़ राहत केंद्रों को भी पानी की नियमित आपूर्ति की जा रही है।

जलनिकासी के लिए लगाए गए 1,436 पंपों में से 150 पंप 100 हॉर्सपावर क्षमता के हैं, जबकि 500 ट्रैक्टर-माउंटेड पंप निचले इलाकों में तैनात किए गए हैं ताकि पानी जल्दी निकाला जा सके।

17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं और बारिश के कारण 24 पेड़ गिर गए, जिन्हें नगर निगम की टीमों ने तुरंत हटाया।

प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। चेन्नई कॉरपोरेशन से जुड़ी शिकायतों के लिए आप 1913 पर कॉल कर सकते हैं। वहीं, पानी की आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए 1916 पर कॉल करें।

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि प्रशासन ने नागरिकों की भलाई के लिए तत्परता दिखाई है। राहत कार्यों में तेजी लाना और लोगों को आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हमें मिलकर इस संकट का सामना करना है, और प्रशासन का यह प्रयास सराहनीय है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई में राहत कार्यों के लिए कौन से उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं?
राहत कार्यों के लिए 299 ड्रेजिंग मशीनें, 73 सीवर सक्शन वाहन और 298 जेटिंग वाहन का उपयोग किया जा रहा है।
बारिश से प्रभावित लोगों को भोजन कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है?
प्रशासन ने 68 रसोईघरों के माध्यम से नाश्ता और अन्य भोजन की व्यवस्था की है।
क्या प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं?
हाँ, प्रशासन ने 1913 और 1916 पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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