चेतना पांडे का खुलासा: 'हॉन्टेड 3डी' की शूटिंग के दौरान थीं भावनात्मक रूप से टूटी हुईं
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री चेतना पांडे ने स्वीकार किया है कि 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' की शूटिंग के दौरान वह मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन दौर से गुज़र रही थीं। 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके अभिनय की व्यापक सराहना हो रही है, लेकिन परदे के पीछे की कहानी कहीं अधिक गहरी और व्यक्तिगत है। चेतना ने बताया कि फिल्म में उनके किरदार 'सुनहरी' और उनकी अपनी ज़िंदगी के बीच की समानता ने उन्हें किसी भी अभिनय-तैयारी से अधिक सशक्त बनाया।
किरदार और ज़िंदगी का अनोखा मेल
चेतना पांडे ने बताया, 'जब मुझसे फिल्म में सुनहरी का किरदार निभाने के लिए कहा गया, तब मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि मेरी अपनी ज़िंदगी इस किरदार से इतनी गहराई से जुड़ जाएगी।' उन्होंने कहा कि इस भूमिका के लिए किसी बाहरी अभिनय-तैयारी की ज़रूरत नहीं पड़ी — उनके अपने जीवन के दर्द, अकेलेपन और संघर्ष ने ही उन्हें इस किरदार के लिए तैयार किया। यह ऐसे समय में आया जब वह खुद को संभालना भी मुश्किल पा रही थीं।
शूटिंग के दौरान भावनात्मक संघर्ष
चेतना ने खुलकर कहा, 'जब फिल्म की शूटिंग शुरू हुई, तब मैं अपनी ज़िंदगी के ऐसे दौर से गुज़र रही थी, जहाँ मुझे खुद को संभालना मुश्किल हो रहा था। मैं अंदर से बिखर चुकी थी और मानसिक रूप से भी काफी परेशान थी।' उन्होंने बताया कि फिल्म में जो भावनाएँ सुनहरी के चेहरे और व्यवहार में दिखाई दीं, वे दरअसल उनके अपने दिल की भावनाएँ थीं — अभिनय और वास्तविकता के बीच की रेखा लगभग मिट गई थी।
मुश्किल हालात से सीखने का नज़रिया
इस कठिन दौर को याद करते हुए चेतना ने कहा, 'समय के साथ मुझे यह समझ आया कि ज़िंदगी में आने वाली हर मुश्किल किसी न किसी वजह से आती है। कई बार मुश्किल हालात हमें आने वाले समय में मिलने वाली बड़ी ज़िम्मेदारियों और चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।' उन्होंने कहा कि उस दौर से उन्होंने सीखने की कोशिश की और इसी सोच ने उन्हें आगे बढ़ने की ताक़त दी।
विक्रम भट्ट और हॉरर सिनेमा की विरासत
फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट के साथ काम करने का अनुभव साझा करते हुए चेतना ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि फिल्म का निर्देशन विक्रम भट्ट कर रहे हैं, वह काफी उत्साहित हो गईं। उन्होंने कहा, 'भारतीय सिनेमा में डरावनी फिल्मों को नई पहचान देने का बड़ा श्रेय विक्रम भट्ट को ही जाता है।' गौरतलब है कि मूल 'हॉन्टेड' फिल्म भारत की शुरुआती थ्री-डायमेंशनल हॉरर फिल्मों में से एक थी, जिसने अपने दौर में दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा था।
बदलती दर्शकों की पसंद पर राय
आज के डिजिटल युग में घटते ध्यान-काल पर चेतना ने कहा, 'आज लोगों के पास समय बहुत कम है और उनका ध्यान भी जल्दी भटक जाता है। कई बार लोग कुछ मिनट का छोटा वीडियो भी पूरा नहीं देख पाते। ऐसे दौर में यदि कोई फिल्म सालों तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती है, तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।' 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' में चेतना के साथ मिमोह चक्रवर्ती भी अहम भूमिका में हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म मूल 'हॉन्टेड' की तरह दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बना पाती है।