चेतना पांडे का बेबाक बयान: 'हॉन्टेड 3डी' की सफलता के बाद स्क्रीन टाइम नहीं, दमदार किरदार हैं प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री चेतना पांडे इन दिनों अपनी हालिया फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' की सफलता से उत्साहित हैं। फिल्म को दर्शकों का जोरदार प्रतिसाद मिल रहा है और इस सफलता के बीच चेतना ने अपने करियर की दिशा, फिल्मों के चुनाव की कसौटी और आगे की योजनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि अब उनकी प्राथमिकता स्क्रीन टाइम नहीं, बल्कि ऐसे किरदार हैं जो दर्शकों के मन पर स्थायी छाप छोड़ें।
किरदार की ताकत, न परदे पर वक्त
चेतना ने कहा, 'मुझे फिल्म में ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं चाहिए। मैं ऐसे रोल्स को प्राथमिकता देती हूं, जिनकी कहानी में दम हो और जो कुछ कहने की ताकत रखते हों।' उन्होंने जोड़ा कि वह केवल ग्लैमर दिखाने वाली भूमिकाओं की बजाय ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं जो लोगों को सोचने पर मजबूर करें और हर नया प्रोजेक्ट उन्हें पहले किए गए काम से आगे ले जाए।
हॉरर शैली से प्रेम, पर दायरे से परे
अभिनेत्री ने बताया कि 'हॉन्टेड 3डी' में काम करने के बाद उन्हें हॉरर शैली की ताकत का गहरा एहसास हुआ है। उन्होंने कहा, 'करियर के इस पड़ाव पर मैं खुद को किसी एक तरह के किरदार या फिल्म शैली तक सीमित नहीं रखना चाहती। हॉरर फिल्मों में आगे भी काम करना चाहूंगी, लेकिन सिर्फ इसी शैली तक सीमित नहीं रहना चाहती।' चाहे बड़ी कमर्शियल फिल्म हो, थ्रिलर हो या बायोपिक — उनके लिए कसौटी एक ही है: किरदार का दर्शकों के मन में टिके रहना।
भावनात्मक और शारीरिक चुनौती की तलाश
चेतना ने अपने अभिनय के प्रति दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती हूं, जो मुझे भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से चुनौती दे और मुझे आगे बढ़ाता रहे।' उन्होंने यह भी कहा कि एक कलाकार के रूप में उनका सबसे बड़ा सपना खुद को और अपने दर्शकों को लगातार नए रूप में चौंकाना है।
'हॉन्टेड 3डी' की सफलता पर आभार
फिल्म की सफलता के बारे में बात करते हुए चेतना ने कहा, 'पिछले कुछ दिन जश्न से ज्यादा आभार के रहे हैं।' उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने परिवार, दोस्तों और उन लोगों से बात की जिन्होंने इस सफर में हर कदम पर उनका साथ दिया। उनके अनुसार, 'मेरे करीबी लोग मेरी सफलता से खुश हैं — यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है।'
सफलता को समझने की प्रक्रिया
चेतना ने यह भी स्वीकार किया कि सफलता मिलने के बाद उस पल को तुरंत आत्मसात कर पाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, 'जब कोई कलाकार लंबे समय तक किसी फिल्म पर मेहनत करता है, कई तरह की चुनौतियों का सामना करता है और यह उम्मीद करता है कि दर्शक उसके काम को पसंद करेंगे, तब सफलता मिलने के बाद उस पल को तुरंत समझ पाना आसान नहीं होता।' यह बयान उनकी परिपक्वता और कला के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। आगे चेतना और किस तरह के किरदारों में नज़र आएंगी, यह देखना दिलचस्प होगा।