क्या छत्रपति संभाजीनगर में यूबीटी उम्मीदवारों को मिल रही धमकी, 'हिसाब ब्याज समेत चुकता होगा'? : शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे
सारांश
Key Takeaways
- छत्रपति संभाजीनगर में सत्ताधारी पार्टी की धमकियाँ।
- अंबादास दानवे की गंभीर चेतावनियाँ।
- चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल।
- स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी।
- राजनीतिक दबाव का असर।
मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और पूर्व विधान परिषद विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने गुरुवार को सत्तापक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर जिले में सत्ताधारी पार्टी के मंत्री और अधिकारियों पर शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए धमकाने का आरोप लगाया।
अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "छत्रपति संभाजीनगर जिले के मंत्री शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के उम्मीदवारों को उम्मीदवारी वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। इसमें कुछ अधिकारी, यानी सत्ताधारी पार्टी के गुलाम, ताबड़तोड़ फोन कॉल करने लगे हैं।"
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, "याद रखना, हमारे पास भी हिसाब-किताब की किताब है। हिसाब रखा जाएगा... जब समय आएगा, तो ब्याज समेत हिसाब चुकता किया जाएगा। जो लोग अपने कर्तव्य और ईमानदारी भूल जाएंगे, उनका बाजार जड़ से उखाड़ दिया जाएगा... वह झुकेगा नहीं, चाहे कुछ भी हो जाए!"
एक अन्य पोस्ट में दानवे ने फोन रिकॉर्ड करने की बात कही थी। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में दखल देने का आग्रह किया। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जो अधिकारी हमारे कैंडिडेट्स को फोन कर रहे हैं, वे गधों पर जुलूस के लिए तैयार हो जाएं। मैं सभी कॉल्स का रिकॉर्ड रख रहा हूं.. घोड़ों का मैदान ज्यादा दूर नहीं है! सत्ताधारी मंत्री हमारे कैंडिडेट्स पर नाम वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं; भारत के निर्वाचन आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए।"
यह पोस्ट महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के बीच आया है, जहां छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना के विभिन्न गुटों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
बता दें कि महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य की 29 महानगरपालिकाओं (मनपा) के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। मतदान 15 जनवरी 2026 को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना और परिणाम 16 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे।