चीन के हरित प्रमाणपत्रों का हांगकांग में पहली बार सीमापार सामूहिक कारोबार, 1 लाख GEC का लेन-देन
सारांश
मुख्य बातें
चीन के हरित बिजली प्रमाणपत्र (GEC) ने 14 अक्टूबर 2026 को पहली बार बड़े पैमाने पर हांगकांग के बाज़ार में प्रवेश किया, जब क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में लगभग 1 लाख हरित प्रमाणपत्रों का सीमापार सामूहिक कारोबार संपन्न हुआ। यह मात्रा लगभग 10 करोड़ किलोवाट-घंटे नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित बिजली के बराबर है। इस ऐतिहासिक लेन-देन ने चीन की मुख्य भूमि के हरित प्रमाणपत्र बाज़ार और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय हरित वित्तीय बाज़ार के बीच पहली बार सीधा संपर्क स्थापित किया है।
कारोबार का ढाँचा: 'डबल एजेंट' मॉडल
इस कारोबार में पहली बार 'डबल एजेंट' मॉडल अपनाया गया, जो पिछले छोटे और बिखरे हुए लेन-देन के तरीकों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इस मॉडल के तहत मुख्य भूमि की छह नई ऊर्जा बिजली उत्पादक कंपनियों ने शेनचन हरित बिजली एवं हरित प्रमाणपत्र सेवा केंद्र के माध्यम से हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड के कोर क्लाइमेट प्लेटफॉर्म से जुड़े हांगकांग के खरीदारों के साथ संपर्क स्थापित किया। इसके बाद क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र के माध्यम से यह सीमापार लेन-देन पूरा किया गया।
हांगकांग की भागीदार संस्थाएँ
इस खरीद प्रक्रिया में हांगकांग की नौ संस्थाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें सार्वजनिक सेवाओं, बैंकिंग एवं वित्त, रियल एस्टेट और संपत्ति प्रबंधन, तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएँ शामिल थीं। गौरतलब है कि यह नई व्यवस्था हांगकांग और मकाऊ में पहले प्रचलित अलग-अलग और छोटे स्तर के लेन-देन की जगह एक व्यवस्थित सामूहिक कारोबार का रास्ता खोलती है।
क्षेत्रीय हरित ऊर्जा सहयोग पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम से क्वांगतोंग-हांगकांग-मकाऊ महाखाड़ी क्षेत्र में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है। इससे मुख्य भूमि के हरित प्रमाणपत्रों का सीमापार उपयोग अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य बनेगा। साथ ही दोनों बाज़ारों के बीच संसाधनों के बेहतर आवंटन, बाज़ार संपर्क और कीमतों की आपसी मान्यता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर
इसी दिन — 14 अक्टूबर 2026 को — क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र और हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड ने एक व्यापक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक हरित ऊर्जा व्यापार के लिए संस्थागत आधार तैयार करता है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने कार्बन तटस्थता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हरित वित्तीय बाज़ारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने की कोशिश कर रहा है। हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र की भूमिका और चीन के GEC बाज़ार के विस्तार के साथ, यह प्रयोग भविष्य में एशिया के हरित ऊर्जा प्रमाणपत्र बाज़ारों के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।