15 अक्टूबर 2026
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चीन के हरित प्रमाणपत्रों का हांगकांग में पहली बार सीमापार सामूहिक कारोबार, 1 लाख GEC का लेन-देन

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चीन के हरित प्रमाणपत्रों का हांगकांग में पहली बार सीमापार सामूहिक कारोबार, 1 लाख GEC का लेन-देन

सारांश

चीन की मुख्य भूमि ने पहली बार हांगकांग के साथ बड़े पैमाने पर हरित बिजली प्रमाणपत्रों (GEC) का सीमापार सामूहिक कारोबार किया — 1 लाख प्रमाणपत्र, 10 करोड़ kWh नवीकरणीय ऊर्जा के बराबर। 'डबल एजेंट' मॉडल और नए सहयोग समझौते के साथ, यह महाखाड़ी क्षेत्र में हरित वित्त एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

14 अक्टूबर 2026 को क्वांगचो में चीन के हरित बिजली प्रमाणपत्रों (GEC) का पहली बार बड़े पैमाने पर सीमापार सामूहिक कारोबार संपन्न हुआ।
करीब 1 लाख हरित प्रमाणपत्रों का लेन-देन हुआ, जो लगभग 10 करोड़ किलोवाट-घंटे नवीकरणीय ऊर्जा के बराबर है।
पहली बार 'डबल एजेंट' मॉडल अपनाया गया — मुख्य भूमि की 6 कंपनियों और हांगकांग की 9 संस्थाओं ने भाग लिया।
क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र और हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड ने उसी दिन व्यापक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इससे क्वांगतोंग-हांगकांग-मकाऊ महाखाड़ी क्षेत्र में हरित ऊर्जा सहयोग और GEC बाज़ार पारदर्शिता को बल मिलेगा।

चीन के हरित बिजली प्रमाणपत्र (GEC) ने 14 अक्टूबर 2026 को पहली बार बड़े पैमाने पर हांगकांग के बाज़ार में प्रवेश किया, जब क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में लगभग 1 लाख हरित प्रमाणपत्रों का सीमापार सामूहिक कारोबार संपन्न हुआ। यह मात्रा लगभग 10 करोड़ किलोवाट-घंटे नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित बिजली के बराबर है। इस ऐतिहासिक लेन-देन ने चीन की मुख्य भूमि के हरित प्रमाणपत्र बाज़ार और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय हरित वित्तीय बाज़ार के बीच पहली बार सीधा संपर्क स्थापित किया है।

कारोबार का ढाँचा: 'डबल एजेंट' मॉडल

इस कारोबार में पहली बार 'डबल एजेंट' मॉडल अपनाया गया, जो पिछले छोटे और बिखरे हुए लेन-देन के तरीकों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इस मॉडल के तहत मुख्य भूमि की छह नई ऊर्जा बिजली उत्पादक कंपनियों ने शेनचन हरित बिजली एवं हरित प्रमाणपत्र सेवा केंद्र के माध्यम से हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड के कोर क्लाइमेट प्लेटफॉर्म से जुड़े हांगकांग के खरीदारों के साथ संपर्क स्थापित किया। इसके बाद क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र के माध्यम से यह सीमापार लेन-देन पूरा किया गया।

हांगकांग की भागीदार संस्थाएँ

इस खरीद प्रक्रिया में हांगकांग की नौ संस्थाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें सार्वजनिक सेवाओं, बैंकिंग एवं वित्त, रियल एस्टेट और संपत्ति प्रबंधन, तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएँ शामिल थीं। गौरतलब है कि यह नई व्यवस्था हांगकांग और मकाऊ में पहले प्रचलित अलग-अलग और छोटे स्तर के लेन-देन की जगह एक व्यवस्थित सामूहिक कारोबार का रास्ता खोलती है।

क्षेत्रीय हरित ऊर्जा सहयोग पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम से क्वांगतोंग-हांगकांग-मकाऊ महाखाड़ी क्षेत्र में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है। इससे मुख्य भूमि के हरित प्रमाणपत्रों का सीमापार उपयोग अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य बनेगा। साथ ही दोनों बाज़ारों के बीच संसाधनों के बेहतर आवंटन, बाज़ार संपर्क और कीमतों की आपसी मान्यता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर

इसी दिन — 14 अक्टूबर 2026 को — क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र और हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड ने एक व्यापक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक हरित ऊर्जा व्यापार के लिए संस्थागत आधार तैयार करता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने कार्बन तटस्थता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हरित वित्तीय बाज़ारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने की कोशिश कर रहा है। हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र की भूमिका और चीन के GEC बाज़ार के विस्तार के साथ, यह प्रयोग भविष्य में एशिया के हरित ऊर्जा प्रमाणपत्र बाज़ारों के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका सांकेतिक महत्व बड़ा है — चीन पहली बार अपने घरेलू हरित प्रमाणपत्र बाज़ार को अंतरराष्ट्रीय हरित वित्त ढाँचे से जोड़ रहा है। असली सवाल यह है कि क्या यह मॉडल स्केल कर सकता है और क्या GEC की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से तय होंगी। महाखाड़ी क्षेत्र को एक परीक्षण स्थल के रूप में उपयोग करना चतुर रणनीति है, लेकिन व्यापक अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता के लिए चीन को स्वतंत्र सत्यापन तंत्र और आई-REC जैसे वैश्विक मानकों के साथ अनुकूलता सुनिश्चित करनी होगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन का हरित बिजली प्रमाणपत्र (GEC) क्या है?
चीन का हरित बिजली प्रमाणपत्र (GEC) एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से उत्पादित बिजली की उत्पत्ति को प्रमाणित करता है। एक GEC आमतौर पर 1,000 किलोवाट-घंटे नवीकरणीय बिजली के बराबर होता है और कंपनियाँ इसे अपने कार्बन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए खरीदती हैं।
14 अक्टूबर को क्वांगचो में क्या हुआ?
14 अक्टूबर 2026 को क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र में चीन के इतिहास में पहली बार हरित बिजली प्रमाणपत्रों का सीमापार सामूहिक कारोबार संपन्न हुआ। इसमें लगभग 1 लाख GEC का लेन-देन हुआ और उसी दिन क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र तथा हांगकांग एक्सचेंज ने सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
'डबल एजेंट' मॉडल क्या है और यह नया क्यों है?
'डबल एजेंट' मॉडल में मुख्य भूमि की ऊर्जा उत्पादक कंपनियाँ और हांगकांग के खरीदार दो अलग-अलग मध्यस्थ प्लेटफॉर्मों के ज़रिए जुड़ते हैं — शेनचन हरित बिजली सेवा केंद्र और हांगकांग एक्सचेंज का कोर क्लाइमेट प्लेटफॉर्म। इससे पहले हांगकांग और मकाऊ में GEC की खरीद छोटे और बिखरे हुए लेन-देन के ज़रिए होती थी, यह मॉडल उसे व्यवस्थित सामूहिक कारोबार में बदलता है।
इस कारोबार से क्वांगतोंग-हांगकांग-मकाऊ महाखाड़ी क्षेत्र को क्या फ़ायदा होगा?
इससे तीनों क्षेत्रों के बीच हरित ऊर्जा संसाधनों का बेहतर आवंटन, कीमतों की आपसी मान्यता और बाज़ार पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, यह महाखाड़ी क्षेत्र में हरित वित्त एकीकरण की नींव रखता है और चीन के GEC को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में मान्यता दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस कारोबार में हांगकांग की कौन-सी संस्थाएँ शामिल थीं?
हांगकांग की कुल नौ संस्थाओं ने इस कारोबार में भाग लिया। इनमें सार्वजनिक सेवाओं, बैंकिंग एवं वित्त, रियल एस्टेट और संपत्ति प्रबंधन तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएँ शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
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