क्या चीन के बिजली उद्योग का पहला रिमोट सेंसिंग उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ?
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने बुधवार को 'लीच्येन-1' (या काइनेटिक-1 वाई11) वाहक रॉकेट के माध्यम से 9 उपग्रहों को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, जिनमें देश के बिजली उद्योग का पहला रिमोट सेंसिंग उपग्रह भी शामिल है।
पश्चिमोत्तर चीन के कानसू प्रांत में च्युछ्य्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षिप्त इस रॉकेट ने सभी उपग्रहों को निर्धारित कक्षाओं में स्थापित कर दिया।
इस प्रक्षेपण का मुख्य मिशन चीन के बिजली उद्योग के पहले रिमोट सेंसिंग उपग्रह 'चीशिंग हाई-रिजॉल्यूशन 07डी01' (जिसे 'पावर इंजीनियरिंग' भी कहा जाता है) का था। इस सफलता से देश की पावर ग्रिड इंजीनियरिंग तकनीक के क्षेत्र में नवाचार विकास को नई गति मिली है।
स्टेट ग्रिड पावर इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रासंगिक तकनीकी कंपनियों के सहयोग से संयुक्त रूप से विकसित यह उपग्रह, पावर ग्रिड निर्माण एवं संचालन की संपूर्ण प्रक्रिया की आवश्यकताओं को पूरा करने वाला चीन का पहला ऑप्टिकल रिमोट सेंसिंग उपग्रह है।
इंस्टीट्यूट के पावर सैटेलाइट एप्लीकेशन केंद्र के निदेशक यांग ची के अनुसार, यह उपग्रह भविष्य में दक्षिण-पश्चिमी जलविद्युत परियोजनाओं, विशेष रूप से अति-उच्च वोल्टेज (यूएचवी) परियोजनाओं के निर्माण, पर्यावरणीय जल निगरानी, सर्वेक्षण डिजाइन मूल्यांकन, ट्रांसमिशन लाइनों की पूर्ण जीवनचक्र बुद्धिमान निरीक्षण, तथा आपदा निवारण सहित कुल 19 प्रकार के परिदृश्यों में उपयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिमी जलविद्युत और 'रेगिस्तान-मरुस्थल' नवीकरणीय ऊर्जा आधारों के त्वरित निर्माण, पावर ग्रिड के निरंतर विस्तार तथा ट्रांसमिशन लाइनों के उच्च-ऊंचाई व अत्यधिक ठंडे जैसे जटिल वातावरण में बढ़ने के साथ, ग्रिड निर्माण प्रबंधन, संचालन रखरखाव, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आपदा निवारण की मांगें बढ़ रही हैं। मौजूदा सामान्य ऑप्टिकल उपग्रह इन विशेषज्ञतापूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं, इसलिए बिजली उद्योग के लिए समर्पित उपग्रहों का विकास आवश्यक हो गया है।
जानकारी के अनुसार, चीन के 15वीं पंचवर्षीय योजना काल (2026-2030) के दौरान 15 से 20 और पावर उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे, ताकि उपग्रह डिजाइन, डेटा प्राप्ति और बुद्धिमान प्रसंस्करण सहित एक संपूर्ण तकनीकी श्रृंखला प्रणाली विकसित की जा सके। इससे उपग्रह रिमोट सेंसिंग की नई गुणवत्तापूर्ण उत्पादक शक्तियों को पावर ग्रिड के निर्माण और संचालन को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)