चीन ने लॉन्ग मार्च-2सी से एसईओ उपग्रह किया सफलतापूर्वक प्रक्षेपित, 664वीं उड़ान पूरी
सारांश
मुख्य बातें
चीन ने 17 अगस्त 2026 को सोमवार सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर देश के उत्तर में स्थित थाईयुएं उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च-2सी वाहक रॉकेट के ज़रिए एसईओ उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया। उपग्रह निर्धारित कक्षा में सुचारू रूप से पहुँच गया और प्रक्षेपण का पूरा अभियान सफल घोषित किया गया।
मिशन का विवरण
यह प्रक्षेपण लॉन्ग मार्च श्रृंखला के वाहक रॉकेटों की 664वीं उड़ान है, जो चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम की निरंतर प्रगति को रेखांकित करती है। थाईयुएं उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र चीन के प्रमुख अंतरिक्ष ठिकानों में से एक है और पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
एसईओ उपग्रह की भूमिका
एसईओ उपग्रह एक पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पर्यावरण निगरानी, भू-सर्वेक्षण और प्राकृतिक आपदा आकलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। इस तरह के उपग्रह बाढ़, भूकंप और वनाग्नि जैसी आपदाओं के समय तत्काल भू-चित्रण डेटा उपलब्ध कराने में सक्षम होते हैं।
चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्व
गौरतलब है कि चीन पिछले कई वर्षों से अपने पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार कर रहा है। लॉन्ग मार्च रॉकेट श्रृंखला की 664 सफल उड़ानें इस कार्यक्रम की विश्वसनीयता और तकनीकी परिपक्वता का प्रमाण हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अंतरिक्ष-आधारित पर्यावरण निगरानी की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
आगे की राह
उपग्रह के कक्षा में स्थापित होने के बाद संबंधित तकनीकी दल इसके सभी उपकरणों की जाँच और परीक्षण करेगा। इसके बाद एसईओ उपग्रह नियमित परिचालन में आएगा और पर्यावरण व आपदा-प्रबंधन एजेंसियों को डेटा उपलब्ध कराना शुरू करेगा।