चीन ने थ्येनल्येन 2-06 उपग्रह किया प्रक्षेपित, लांगमार्च-3बी रॉकेट की 658वीं सफल उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
चीन ने 23 जुलाई 2026 की रात 8 बजे दक्षिण चीन स्थित शीछांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लांगमार्च-3बी वाहक रॉकेट के ज़रिए थ्येनल्येन 2-06 उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया। अधिकारियों के अनुसार, उपग्रह सुचारू रूप से अपनी निर्धारित कक्षा में पहुँच गया।
उपग्रह का उद्देश्य और कार्यक्षेत्र
थ्येनल्येन 2-06 उपग्रह का मुख्य उपयोग डेटा रिले तथा ट्रैकिंग एवं नियंत्रण सेवाओं में किया जाएगा। यह उपग्रह विशेष रूप से मध्यम व निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO/MEO) में परिक्रमा करने वाले संसाधन उपग्रहों के संचालन में सहायता प्रदान करेगा।
लांगमार्च श्रृंखला की ऐतिहासिक उड़ान
यह प्रक्षेपण लांगमार्च श्रृंखलात्मक वाहक रॉकेटों की 658वीं उड़ान है — जो चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम की निरंतर प्रगति और तकनीकी विश्वसनीयता का प्रमाण माना जा रहा है। गौरतलब है कि लांगमार्च रॉकेट श्रृंखला दशकों से चीन के नागरिक और वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपणों की रीढ़ रही है।
शीछांग प्रक्षेपण केंद्र की भूमिका
शीछांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र दक्षिण चीन के सिचुआन प्रांत में स्थित है और भू-स्थिर कक्षा (GEO) मिशनों के लिए चीन का प्रमुख अड्डा है। यह केंद्र विशेष रूप से लांगमार्च-3बी जैसे भारी वाहक रॉकेटों के प्रक्षेपण के लिए उपयुक्त माना जाता है।
आगे की राह
थ्येनल्येन 2-06 के सफल प्रक्षेपण के साथ चीन का उपग्रह रिले नेटवर्क और सुदृढ़ हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपग्रह भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों — जिनमें चंद्रमा और मंगल अभियान शामिल हैं — के लिए संचार अवसंरचना को और मज़बूत करेगा।