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क्या आयोग के पास अधिकार है कि वह चुनाव कैसे भी कराए?: संजय निषाद

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क्या आयोग के पास अधिकार है कि वह चुनाव कैसे भी कराए?: संजय निषाद

सारांश

संजय निषाद ने चुनाव आयोग के अधिकारों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आयोग को चुनाव कराने का पूरा अधिकार है, और विपक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने सपा के महिलाओं को 40,000 रुपए देने के वादे को भी चुनौती दी।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग को चुनाव कराने का अधिकार है।
विपक्ष को अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव के वादों पर सवाल उठाए।
लोकतंत्र में पारदर्शिता आवश्यक है।
संजय निषाद ने राहुल गांधी के विदेश दौरे की आलोचना की।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने एक बार फिर बैलट पेपर से वोट कराने की वकालत की। इस पर निषाद पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने गुरुवार को प्रतिक्रिया दी।

संजय निषाद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। कानून बनाकर उनको अधिकार दिया गया है। कांग्रेस ने कानून बनाया था, जिसके तहत चुनाव आयोग कार्य कर रहा है। चुनाव आयोग के पास अधिकार है कि वह कैसे भी चुनाव कराए। विपक्ष अब हार रहा है तो वह सवाल उठा रहा है। अगर विपक्ष के पास साक्ष्य हो तो वह चुनाव आयोग के सामने रखे, लेकिन उन्हें साक्ष्य नहीं देना है, सिर्फ बयानबाजी करनी है। विपक्ष को अपने साक्ष्य सर्वदलीय बैठक में उठाने चाहिए, लेकिन अगर वे ऐसे मुद्दे पब्लिक में उठाएंगे तो यह गलत है।"

यूपी में सपा की सरकार बनने पर महिलाओं को 40,000 रुपए देने के दावे पर संजय निषाद ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, "बिहार में एनडीए सरकार ने व्यापार कराने के लिए 10,000-10,000 रुपए दिए। जब उनके सहयोग से केंद्र में सरकार चल रही थी तो उन्होंने पिछड़ी जातियों को आरक्षण तक नहीं दिलवाया। आरक्षण सभी को समानता पर लाने का एक अवसर है। ऐसे में अखिलेश यादव महिलाओं को 40,000 कैसे देंगे? वह सिर्फ वादा ही कर सकते हैं।"

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर संजय निषाद ने कहा, "यह लोकतंत्र के लिए घातक है। सदन में विपक्ष के नेताओं को भी सुविधा लोकतंत्र के हिसाब से दी जाती है। उन्हें स्वतंत्र आलोचना की छूट होती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक है।"

उन्होंने ओडिशा कांग्रेस नेता द्वारा पार्टी के नेतृत्व पर उठाए जा रहे सवाल को लेकर कहा, "मैंने पहले कहा था कि वे जनता को धोखा देने वाले लोग हैं। उन्होंने जनता को धोखा दिया।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एसआईआर पर लोकसभा में विपक्ष को दिए जवाब का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा, "लोकतंत्र में यह नियम है कि वोट कौन डालेगा। अगर अवैध वोटर्स पकड़े जा रहे हैं तो इसे सुधारने के लिए एसआईआर कराने होंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह साफ है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके अधिकारों पर बहस चल रही है। संजय निषाद का यह कहना कि विपक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहिए, इस बात को दर्शाता है कि राजनीतिक संवाद में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग के अधिकार क्या हैं?
चुनाव आयोग को चुनाव कराने का अधिकार है और वह कानून के तहत कार्य करता है।
संजय निषाद ने किस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारों और सपा के वादों पर प्रतिक्रिया दी।
क्या संजय निषाद ने राहुल गांधी के विदेश दौरे पर कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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