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क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सौ वर्षों से 'राष्ट्र प्रथम' के ध्येय के साथ आगे बढ़ रहा है? : सीएम भूपेंद्र पटेल

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क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सौ वर्षों से 'राष्ट्र प्रथम' के ध्येय के साथ आगे बढ़ रहा है? : सीएम भूपेंद्र पटेल

सारांश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर अहमदाबाद में एक महत्वपूर्ण व्याख्यानमाला का उद्घाटन किया। इस आयोजन में उन्होंने संघ के 'राष्ट्र प्रथम' ध्येय को लेकर विचार साझा किए, जो आज भी प्रासंगिक हैं। जानिए इस मौके पर उनके विचार और संघ की उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

आरएसएस का 'राष्ट्र प्रथम' ध्येय शताब्दी वर्ष में भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री ने संघ की विचारधारा के गहन होने की बात की।
संघ ने समाज में व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया है।
हेडगेवार की सोच आज भी लोगों को प्रेरित कर रही है।
भारत का विश्व बंधुत्व में योगदान बढ़ रहा है।

अहमदाबाद, 11 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अहमदाबाद में भारतीय विचार मंच द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सौ वर्षों से निरंतर 'राष्ट्र प्रथम' के ध्येय वाक्य के साथ अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ रहा है। सौ साल बाद भी इस संगठन के विचार नहीं बदले हैं, बल्कि और भी गहन और व्यापक हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संघ के मार्गदर्शन में सामान्य लोग भी असाधारण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संघ ने हमेशा व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया है और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित युवाओं को तैयार किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. हेडगेवार जानते थे कि भारत तभी सशक्त बनेगा जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र प्रथम की भावना जागृत हो। उन्होंने कहा कि डॉ. साहेब आम लोगों को राष्ट्रवाद का दर्शन देकर राष्ट्र के प्रति समर्पित युवाओं को तैयार करते थे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व बंधुत्व की भूमिका में है, जब संघ ने अपने रचनात्मक दृष्टिकोण से पंच प्राणों को प्रस्तुत किया है। ये पंच प्राण वैश्विक चुनौतियों का समाधान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम संघ द्वारा दिए गए पंच प्राणों को साकार करें और एक विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध रहें।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस वर्ष 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को उजागर करने वाले अनेक कार्यक्रमों में भाग लेना है। वंदे मातरम के 150 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, अटल की 100वीं जयंती, संविधान अंगीकार के 75 वर्ष और संघ की शताब्दी भी इसमें जुड़ गई है, इसलिए यह अवसर राष्ट्रहित के लिए अनमोल है। इस अवसर पर आयोजित यह व्याख्यानमाला, प्रदर्शनी और मल्टीमीडिया शो हमारा मार्गदर्शन करेंगे।

इस अवसर पर संघ की 100 वर्ष की यात्रा को दर्शाती एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, साथ ही एक मल्टीमीडिया शो भी तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री पटेल ने किया।

व्याख्यानमाला के पहले दिन आरएसएस के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने 'युगदृष्टा डॉ. हेडगेवार: बीज से वटवृक्ष तक की यात्रा' विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें मुख्यमंत्री पटेल ने श्रोता के रूप में भाग लिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल, राज्य मंत्री दर्शनबेन वाघेला, अहमदाबाद नगर की महापौर प्रतिभाबेन जैन, भारतीय विचार मंच की अध्यक्षा राजमाता शुभांगी राजे गायकवाड़, मंच के कार्यकारी अध्यक्ष अवधूत सुमंत, संघ एवं उसके सहयोगी संगठनों के नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का यह बयान संघ की स्थायी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संघ ने हमेशा देश की सेवा में अपने कार्यों को प्राथमिकता दी है। यह एक ऐसा संगठन है जो अपने सिद्धांतों से कभी नहीं हटा और समाज के हर तबके को जोड़ने का कार्य करता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रमुख उद्देश्य देश की सेवा करना और समाज में राष्ट्रीयता की भावना को विकसित करना है।
आरएसएस की शताब्दी वर्ष का आयोजन कब हुआ?
आरएसएस की शताब्दी वर्ष का आयोजन 11 नवंबर 2023 को अहमदाबाद में किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संघ के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि संघ सौ वर्षों से 'राष्ट्र प्रथम' के ध्येय के साथ आगे बढ़ रहा है।
डॉ. हेडगेवार का योगदान क्या है?
डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रवाद का दर्शन देकर लोगों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
संघ के पंच प्राण क्या हैं?
संघ के पंच प्राण वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रदान करते हैं और एक विकसित भारत की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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