क्या मणिशंकर अय्यर वोट बैंक के लिए हिंदुत्व पर सवाल उठा रहे हैं?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदुत्व और हिंदू धर्म में कोई भेद नहीं है।
- कुछ नेता वोट बैंक के लिए हिंदुत्व पर सवाल उठाते हैं।
- राजनीति में सचाई और झूठ का मिश्रण होता है।
- हिंदू एकजुट हैं और डर के साये में नहीं रहते।
- प्रधानमंत्री चुनने का निर्णय जनता का होता है।
नई दिल्ली, १२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व पर दिए गए बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विशेष वर्ग के वोट हासिल करने के लिए हिंदुत्व पर सवाल उठाते हैं, और इसी कारण जनता समय-समय पर कांग्रेस को साबक सिखाती है।
नई दिल्ली में भाजपा सांसद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हिंदू कभी डर के साये में नहीं होते। हिंदू एकजुट हैं और हिंदुत्व की बात करते हैं। हिंदू धर्म और हिंदुत्व एक ही हैं, लेकिन कुछ विरोधियों को लगता है कि 'हिंदुत्व' शब्द उनका सामना नहीं कर सकता। इसके बावजूद, कुछ लोग एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए हिंदुत्व पर सवाल उठाते हैं।
योगेंद्र चंदोलिया ने आगे कहा कि भारत रत्न देने का निर्णय प्रधानमंत्री करते हैं, लेकिन मैंने आज दो बयानों में एक देखा, जिसमें कहा गया कि शरद पवार को भारत रत्न मिलना चाहिए। एक ओर शरद पवार की पार्टी अपने नेता को भारत रत्न देने की चर्चा कर रही है, जबकि दूसरी ओर उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने पश्चिम बंगाल में ईडी की रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी के हस्तक्षेप को सही ठहराया। ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला किया है। फिर भी वे भाजपा का विरोध करती हैं।
चंदोलिया ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी का शासन है, भाजपा का नहीं। जब भाजपा सत्ता में नहीं है, तो भाजपा का 'गुंडा राज' कैसे हो सकता है? गुंडा राज और गुंडे तो तृणमूल कांग्रेस के हैं। बंगाल में जो लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उनकी समस्याएं अब समाप्त होने वाली हैं।
भाजपा सांसद ने कथावाचक देवकीनंदन के बयान पर कहा कि ये उनके विचार हैं, जो ठीक हैं। मेरा मानना है कि ओवैसी ने जो कहा कि हिजाब पहनने वाली महिला इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी, मैं कहना चाहता हूं कि इस देश में कोई भी हिजाब वाली महिला पीएम नहीं बनेगी। जब पीएम चुनने का समय आएगा, तो लोग नरेंद्र मोदी को चुनेंगे, हिजाब नहीं।