क्या जनपदों में ‘जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी’ की तैनाती होगी? नए पद सृजित करने के लिए सीएम योगी ने दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औषधियों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए औषधि नियंत्रण तंत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिलास्तर पर कार्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अब ‘जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी’ का नया पद बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औषधि निरीक्षकों की संख्या को वर्तमान में दोगुना किया जाए। इन पदों पर चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए अब साक्षात्कार के स्थान पर लिखित परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में औषधि नियंत्रण संवर्ग के पुनर्गठन एवं नए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की। सीएम योगी ने कहा कि सभी जनपदों में औषधि निरीक्षकों की उचित तैनाती सुनिश्चित की जाए और जिला स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण एवं समयबद्ध जांच प्रणाली लागू की जाए।
बैठक में बताया गया कि विभाग में वर्तमान में १०९ औषधि निरीक्षक कार्यरत हैं, जो भारत सरकार के मानकों के अनुसार अपर्याप्त हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औषधि निरीक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। बैठक में औषधि नियंत्रण संवर्ग के उच्च पदों के पुनर्गठन पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने उप आयुक्त (औषधि) के पदों की संख्या में वृद्धि और संयुक्त आयुक्त (औषधि) के पद पर पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में संशोधन के प्रस्ताव को अपनी सहमति दी। उन्होंने विभाग में औषधि नियंत्रक पद के लिए स्पष्ट योग्यताएं और मानक तय करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस पद के लिए एक निश्चित कार्यकाल निर्धारित किया जाए, ताकि तंत्र के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।