क्या गरीबों का दीपावली से पहले घर का सपना साकार हुआ? सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी

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क्या गरीबों का दीपावली से पहले घर का सपना साकार हुआ? सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी

सारांश

गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गरीबों को एक नई आशा दी है। दीपावली से पहले 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां सौंपी गईं। इस कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया। जानें, कैसे यह कदम गरीबों के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

सीएम योगी ने 160 गरीब परिवारों को फ्लैट्स की चाबी सौंपी।
ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में सब्सिडी के माध्यम से आवास उपलब्ध हैं।
गोरखपुर में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ।
सरकार की योजनाओं से गरीबों को मिल रहा है आवास।
आवास वितरण पारदर्शिता के साथ किया गया है।

गोरखपुर, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार प्रदान किया। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास पर स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां सौंपीं। इनमें से 80 फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए निर्धारित हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपए की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक इच्छा होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है। उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है।

सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से किया गया। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करे। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी के माध्यम से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध हैं। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, जिनका बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार के बेहतरीन स्थान हैं। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं।

उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाई-राइज़ बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियां गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। हर तबके-गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक और व्यापारियों के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएं लाई जाएंगी।

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है। यह न केवल आवास प्रदान करने का कार्य है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने का भी उदाहरण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने कितने परिवारों को फ्लैट्स की चाबी सौंपी?
सीएम योगी ने 160 परिवारों को फ्लैट्स की चाबी सौंपी।
ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की कीमत क्या है?
ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी के माध्यम से ये मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध हैं।
इस कार्यक्रम में किस प्रकार की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ?
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की 118 करोड़ रुपए की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
क्या सरकार गरीबों के लिए और योजनाएं लाएगी?
जी हाँ, हर तबके के लिए समय-समय पर विशेष योजनाएं लाई जाएंगी।
गोरखपुर में घर पाने वाले परिवारों की औसत सदस्य संख्या क्या है?
एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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