क्या सीएमजी के उत्तम कार्यक्रम एपेक के सदस्य आर्थिक समुदायों में प्रदर्शित होते हैं?

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क्या सीएमजी के उत्तम कार्यक्रम एपेक के सदस्य आर्थिक समुदायों में प्रदर्शित होते हैं?

सारांश

बीजिंग में आयोजित 32वें एपेक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में, चाइना मीडिया ग्रुप ने सदस्य आर्थिक समुदायों में अपने बेहतरीन कार्यक्रमों का प्रदर्शन शुरू किया। सीएमजी के अध्यक्ष ने इस पहल के महत्व को उजागर किया है। जानें इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान के पीछे का उद्देश्य क्या है।

मुख्य बातें

सीएमजी ने एपेक के सदस्य देशों में फिल्म और टेलीविजन कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग का सांस्कृतिक जुड़ाव महत्वपूर्ण है।
यह कार्यक्रम एशिया-प्रशांत के 14 देशों में प्रसारित हो रहा है।
सीएमजी का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
यह पहल अर्थव्यवस्था और स्थिरता को सुदृढ़ करती है।

बीजिंग, 25 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 32वें एपेक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए और दक्षिण कोरिया की राजकीय यात्रा के अवसर पर, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) ने एपेक के सदस्य आर्थिक समुदायों में अपने बेहतरीन फिल्म और टेलीविजन कार्यक्रमों का प्रदर्शन आरंभ किया है।

सीएमजी के पास 'शी चिनफिंग का सांस्कृतिक जुड़ाव', 'चीन के आधुनिकीकरण का मार्ग' और 'आपकी आवाज' जैसे दस से अधिक उत्कृष्ट कार्यक्रम हैं, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 14 देशों में प्रसारित हो रहे हैं। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चिली, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, पेरू, रूस, थाईलैंड और अमेरिका शामिल हैं।

सीएमजी के अध्यक्ष शन हाईश्योंग ने एक वीडियो संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उल्लेख किया था, "एशिया-प्रशांत हमारा घर है और वैश्विक आर्थिक विकास की प्रेरक शक्ति है। खुलापन, समावेश, साझी जीत और सहयोग मानव जाति के लिए सही रास्ता है।" एपेक का सदस्य बनने के बाद, चीन न केवल इस संगठन का एक प्रमुख भागीदार और योगदानकर्ता रहा है, बल्कि आर्थिक वैश्वीकरण का एक सक्रिय समर्थक और मार्गदर्शक भी बना है।

सीएमजी ने दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, रूस, पेरू और अन्य देशों के मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम प्रदर्शनी का आयोजन किया है। यह एशिया-प्रशांत देशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गहराई से बढ़ाने की एक सक्रिय पहल है। सीएमजी एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न जगतों के मित्रों के साथ पारस्परिक सीख और सहयोग के लिए तत्पर है, ताकि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास को बढ़ावा मिले और साझे भविष्य वाले एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण में नए योगदान दिए जा सकें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सीएमजी की पहल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम न केवल चीन की भूमिका को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक आर्थिक समुदाय में भी इसकी पहचान को बढ़ाता है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपेक का उद्देश्य क्या है?
एपेक का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक विकास और सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
यह कार्यक्रम 25 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
कौन से देश इसमें शामिल हैं?
इसमें 14 एशिया-प्रशांत देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चिली, और दक्षिण कोरिया शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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