क्या सीएमजी ने संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास की कार्यकारी निदेशक से बातचीत की?

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क्या सीएमजी ने संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास की कार्यकारी निदेशक से बातचीत की?

सारांश

क्या आपको पता है कि केन्या के नैरोबी में संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास की कार्यकारी निदेशक ने चीन में परिवर्तन की प्रशंसा की है? उन्होंने बताया कि कैसे चीन ने 80 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और शहरीकरण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। जानें इस साक्षात्कार के प्रमुख बिंदु।

मुख्य बातें

चीन का परिवर्तन अद्भुत है।
80 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकाले गए।
शहरीकरण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
स्मार्ट जीवन में प्रगति हो रही है।
स्थिरता सहयोग से आती है।

बीजिंग, २४ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केन्या के नैरोबी में स्थित संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास के मुख्यालय की कार्यकारी निदेशक एनाक्लौडिया रौसबाख ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि चीन का परिवर्तन अद्भुत है। उन्हें चीन के शहरी विकास पर चर्चा करना बहुत पसंद है।

चीन की राजधानी पेइचिंग की याद करते हुए उन्होंने कहा कि पेइचिंग एक जीवंत, साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित शहर बन गया है, जहां पर्याप्त सार्वजनिक स्थान मौजूद हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण शोर भी कम हो गया है।

बातचीत में उन्होंने कहा कि चीन ने ८० करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है और अब चीन शहरीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह अनुभव विशेषकर उन अफ्रीकी देशों के लिए महत्वपूर्ण है जो शहरीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। अगले २५ वर्षों में, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के लगभग ८० करोड़ लोग शहरों की ओर बढ़ेंगे, और कई एशियाई देश अभी भी गरीबी का सामना कर रहे हैं।

गरीबी उन्मूलन के लिए शहर केवल आवास प्रदान करने के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए भी महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और चर्चा का एक आवश्यक विषय है।

उनका मानना है कि चीन “स्मार्ट जीवन” के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। चीन ने तकनीकी विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस विशेषज्ञता और तकनीक का उपयोग और अधिक शहरों के लिए किया जा सकता है।

उनका मानना है कि स्थिरता सहयोग की एक ठोस नींव से आती है। संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास का चीन में एक कार्यालय है और चीन का संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास के नैरोबी मुख्यालय के साथ गहन सहयोग है। चीन संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास गवर्निंग काउंसिल का सदस्य है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हमेशा सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है। दोनों पक्ष तकनीकी क्षेत्र में भी सहयोग करते हैं। अनुभव का आदान-प्रदान और पेशेवर सहयोग संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास-चीन सहयोग का दैनिक कार्य बन गया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चीन का शहरीकरण और गरीबी उन्मूलन का प्रयास न केवल अपने देश के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। हमें इस दिशा में अपने अनुभवों को साझा करना चाहिए और अन्य देशों की मदद करनी चाहिए, खासकर उन देशों को जो अभी भी गरीबी का सामना कर रहे हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनाक्लौडिया रौसबाख कौन हैं?
एनाक्लौडिया रौसबाख संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास की कार्यकारी निदेशक हैं।
चीन ने कितने लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है?
चीन ने लगभग 80 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
चीन का शहरीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?
चीन का शहरीकरण अन्य देशों के लिए एक उदाहरण है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी भी गरीबी का सामना कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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