अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 981 ग्राम कोकीन बरामद, युगांडा नागरिक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 24 सितंबर 2026 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SVPIA) पर एक युगांडा के नागरिक को गिरफ्तार किया, जिसके ट्रॉली बैग के टेलीस्कोपिक हैंडल और प्लास्टिक सपोर्ट में छिपाई गई 981 ग्राम कोकीन बरामद की गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
गिरफ्तारी कैसे हुई
DRI की अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई को पहले से मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कतर एयरवेज की फ्लाइट QR-534 के SVPIA पहुँचने पर यात्री को रोका गया। संदिग्ध ने शुरुआत में किसी भी प्रतिबंधित सामान ले जाने से इनकार किया। हालाँकि ट्रॉली बैग की विस्तृत जाँच में अधिकारियों को पॉलीथीन की थैलियों में पैक सफेद पाउडर मिला, जिसे बैग के आंतरिक ढाँचे में चालाकी से छिपाया गया था।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
बरामद 981 ग्राम सफेद पाउडर की जाँच में कोकीन की पुष्टि हुई, जिसके बाद इसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। आरोपी को भी इसी अधिनियम के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। कोकीन के स्रोत, गंतव्य और इस तस्करी प्रयास से जुड़े व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
DRI के हालिया अभियानों का व्यापक संदर्भ
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब DRI ने हाल ही में देशभर में खुफिया-आधारित अभियानों में 845 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए और 15 लोगों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि 15 सितंबर को दुबई से दोहा होते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचे एक भारतीय यात्री से करीब 5.8 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई थी।
इससे पहले मई में मुंबई हवाई अड्डे पर दो अलग-अलग अभियानों में DRI ने ₹13.295 करोड़ मूल्य की कुल 2.659 किलोग्राम कोकीन जब्त की थी। अदीस अबाबा से आए एक यात्री के पास आठ पाउचों में 1.575 किलोग्राम तरल कोकीन और एक अफ्रीकी यात्री के पास 1.084 किलोग्राम कोकीन युक्त कैप्सूल पाए गए थे — दोनों को NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।
तस्करी के तरीके और चुनौती
इस मामले में बैग के टेलीस्कोपिक हैंडल जैसे छिपे हुए स्थानों का उपयोग तस्करों की बदलती रणनीति को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे तरीके पारंपरिक स्कैनिंग से बचने के लिए अपनाए जाते हैं और इनका पता लगाने के लिए बैग की भौतिक रूप से गहन जाँच आवश्यक होती है। DRI की त्वरित कार्रवाई खुफिया-आधारित निगरानी की बढ़ती प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।
आगे की जाँच
जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह खेप किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह स्पष्ट होना बाकी है कि कोकीन का अंतिम गंतव्य भारत में कहाँ था।